
अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना की अलवर बफर जॉन में गर्मियों के चलते बाघिन एसटी-19 और उनके तीन शावक पर्यटकों को आसानी से दिख रहे हैं। शनिवार शाम की सफारी के दौरान बाघिन एसटी- 19 और उनके तीन शावक नजर। सैलानियों ने उनकी फोटो ली और गदगद नजर आए। जीतू गुर्जर ने बताया सरिस्का में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है।
अलवर बफर में भी प्रताप बंध नाका के बांस वाला जलाशय के पास भाकेडा में अपने शावकों के साथ नजर आए, जिसमें पर्यटकों ने उनकी सेल्फी ली। अब अलवर बफर जॉन में बाघों की साइटिंग कर पर्यटक काफी खुश हो रहे हैं। पर्यटक भी बड़ी मात्रा में प्रतापबंध चौकी बाला किला क्षेत्र में पहुंचते हैं। जंगल में घूमने का आनंद उठाते हैं।
सरिस्का बाघ परियोजना में बाघों का कुनबा 43 पर पहुंच गया है। इनमें बाघ 11 और बाघिन 14 तथा शावकों की संख्या 18 पर पहुंच गई है। एक समय ऐसा था कि 2005 में सरिस्का बाघ विहीन हो गया था। 2008 में वापस सरिस्का में बाघों को बसाया गया और रणथंभौर से पहली बार बाघ हैलीकॉप्टर हवाई मार्ग से लाकर पुनर्स्थापित किए गए, जिसमें अब सरिस्का तेजी से विकास कर रहा है।
Updated on:
16 Jun 2024 08:53 pm
Published on:
16 Jun 2024 08:45 pm
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
