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जेल में सुरंग : बड़े गैंगवार की थी साजिश, कैसे पहुंचा हथियार

जेल प्रशासन और पुलिस नहीं खोल रहे कोई राजp

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जेल में सुरंग : बड़े गैंगवार की थी साजिश, कैसे पहुंचा हथियार

जेल में सुरंग : बड़े गैंगवार की थी साजिश, कैसे पहुंचा हथियार

अलवर. सेंट्रल जेल अलवर में बड़े गैंगवार की साजिश रची जा रही थी। जिसमें जेल स्टाफ की भी संलिप्तता हो सकती है। बंदी वार्ड के गटर से देसी कट्टा और कारतूस मिलना इसका पुख्ता प्रमाण है। जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर यह बड़ा सवाल है कि आखिर जेल के भीतर हथियार कैसे पहुंचा। जेल प्रशासन और पुलिस दोनों ही इस मामले में अब तक कोई बड़ा खुलासा नहीं कर पाए हैं।
अलवर सेंट्रल जेल में बुधवार सुबह तलाशी के दौरान बंदी वार्ड नम्बर-6 के गटर में कपड़े लिपटा हुआ देसी कट्टा और कारतूस मिला। जिसे देखकर जेल अधिकारियों को होश उड़ गए। शुरुआत में जेल अधिकारियों ने इस सनसनीखेज मामले को दबाने का प्रयास किया और मीडिया को जानकारी देने बचते रहे। इसके बाद जेल प्रशासन ने इस मामले की एफआइआर शहर कोतवाली थाने में दर्ज करा अपना पल्ला झाड़ लिया। जेल के भीतर हथियार और कारतूस कैसे पहुंचा? आखिर हथियार किस बदमाश ने मंगाया और उसके पास तक यह हथियार किस माध्यम से पहुंचाया? जेल में हथियार मंगाने वाला बदमाश किस वारदात को अंजाम देने की फिराक में था? जैसे तमाम सवाल अलवर जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हो रहे हैं। वहीं, अलवर जेल की सुरक्षा में लगी इस सेंध के बारे में अब तक जेल प्रशासन और कोतवाली थाना पुलिस की जांच कोई ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।


कई दुर्दांत अपराधी है अलवर जेल में
अलवर सेंट्रल जेल में फिलहाल करीब 850 बंदी हैं। इनमें से कई दुर्दांत अपराधी हैं जो कि बड़े गैंगवार, हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, फायरिंग और अपहरण जैसे मामलों में हार्डकोर अपराधी हैं। वहीं, जेल के अंदर कई बदमाश गुटों में वर्चस्व की लड़ाई भी चलती रहती है। इन हालातों के बीच जेल के भीतर हथियार पहुंचना बड़े गैंगवार की तरफ इशारा करता है।


पहले भी हो चुका है बंदियों में झगड़ा
अलवर सेंट्रल जेल में बंदियों के बीच पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका है। जिसमें कई बंदी घायल भी हो चुके हैं। वहीं, जेल में बंदियों के कब्जे से मोबाइल मिलने की घटना भी कई बार हो चुकी है। जेल के भीतर पुराने बंदियों की ओर से नए बंदियों से अवैध वसूली करने के भी मामले सामने आ चुके हैं। इस बार जेल के भीतर हथियार मिलना बड़ी गंभीर बात है। जबकि जेल परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं तथा बंदियों की तलाशी भी ली जाती है। इसके बावजूद आखिर हथियार जेल के भीतर कैसे पहुंच गया।

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