सुपर कम्पोस्ट टिकाऊ खेती के लिए बहुत सस्ता व सरल विधि से बनाया गया जैविक खाद है। गोबर की खाद की तुलना में इसमें अधिक मात्रा में पोषक तत्व मिलते हैं।
जैविक खेती का मुख्य घटक
सुपर कंपोस्ट जैविक खेती का मुख्य घटक है। यह जैविक पदार्थों, जैसे पेड़-पौधों की पत्तियों व गोबर आदि के अपघटन से तैयार की जाती है। इससे मिट्टी की भौतिक दशा सुधरती है। इसके उपयोग सेफसलों की अच्छी पैदावार ली जा सकती है।
सुपर कम्पोस्ट बनाने की विधि
सुपर कम्पोस्ट बनाने के लिए 12 गुना 5 गुना 3 फुट का एक गड्ढ़ा तैयार करें। कृषक के खेत के वानस्पतिक कचरे एवं पशुओं के गोबर की 6 इंच मोटी परत बिछाकर उस पर सुपर फॉस्फेट पाउडर बुरकें। पुन: वानस्पतिक कचरे की परत लगावें। गड्ढे को एक - डेढ़ फु ट ऊँचाई तक भरने के बाद मिट्टी से ढ़क देवें । नमी के लिए गर्मी के मौसम में 15-20 दिन में पानी छिड़कते रहें । तीन-चार माह में वानस्पतिक कचरा अच्छी तरह सड़कर अच्छी सुपर कम्पोस्ट तैयार हो जाएगी।
इनका कहना है...
सुपर कम्पोस्ट के उपयोग से मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ जाती है। अत: लम्बे समय तक भूमि में नमी बनी रहती है। सुपर कम्पोस्ट के उपयोग से खेत में खरपतवार व दीमक का प्रकोप कम होता है ।
- डॉ. विकास आर्य, कृषि विशेषज्ञ, केवीके, नौगांवा
हितेश भारद्वाज — नौगांवा