पिछले दिनों वायरल हुए 22 वर्ष पुराने एक पत्र के संदभ में रोहिताश्व शर्मा ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो व्यक्ति खुद अनुशासनहीता कर चुका हो, अनुशासन की पराकाष्ठा क्रॉस कर चुका हो, वह दूसरे को अनुशासन की क्या सलाह दे सकता है, यह खेद की बात है।