
बारात के लिए लगाए टेंट घटना के बाद हटाते हुए (फोटो- पत्रिका)
खैरथल: हरसौली रोड खैरथल निवासी रामस्वरूप प्रजापत के परिवार में उनके दोनों बेटे कमलेश और दिनेश की बेटियों की शादी बुधवार को होनी थी। घर में जो खुशी का माहौल था, वह अचानक मातम में बदल गया, जब दुल्हन बनने का सपना देख रही 23 वर्षीय लक्ष्मी की मौत हो गई।
इस हृदयविदारक घटना से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में माहौल गमगीन हो गया। मंगलवार को घर में शादी की सारी तैयारियां धूमधाम से चल रही थीं। हल्दी और मेहंदी की रस्में हो गई थी। घर का माहौल खुशनुमा था, लेकिन तभी लक्ष्मी की तबीयत अचानक बिगड़ी।
उसे तेज घबराहट होने लगी, जिससे परिवार और रिश्तेदार घबरा गए। उसे ताजगी के लिए खुली हवा में लिटाया गया, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। कुछ ही समय में लक्ष्मी बेहोश हो गई। परिजनों ने तुरंत उसे खैरथल के सेटेलाइट अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे अलवर रेफर कर दिया गया। अलवर में इलाज के दौरान लक्ष्मी ने रात में दम तोड़ दिया।
लक्ष्मी की बारात बुधवार शाम को मुंडावर क्षेत्र के भानोत गांव से आनी थी और उसी दिन उसकी चाचा की बेटी पलक की शादी भी तय थी। लेकिन अचानक हुई ये हृदयविदारक घटना ने घर की खुशियों को गम और शोक में बदल दिया। लक्ष्मी की मौत की खबर के बाद पलक की शादी भी शोक का माहौल में हुई।
वहीं, लड़की के पिता कमलेश प्रजापत ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मी को चक्कर आए और वह बहोश हो गई। उसे अस्पताल लेकर गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा लक्ष्मी की मौत कैसे हुई है।
अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. सिद्धार्थ विजयवर्गीय के अनुसार, पोस्टमॉर्टम में युवती की मौत के स्पष्ट कारणों का पता नहीं लग सका है। मृतक का विसरा एफएसएल और हिस्टोपैथोलॉजी लैब जांच के लिए भिजवाया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता लग सकेगा।
विवाह की सारी पारंपरिक रस्में बीच में ही रुक गई और दाह संस्कार के लिए लक्ष्मी के शव को घर लाया गया। घर में आने वाली बारात को रद्द कर दिया। हलवाई की भट्टी को बुझा दिया, टेंट को हटा लिया गया और घर के बाहर शोर-शराबा और हंसी-ठिठोली की जगह बस सन्नाटा और रोने की आवाजें गूंजने लगीं।
लक्ष्मी का शव दोपहर बाद अलवर से घर लाया गया। तब घर के लोग और रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरी हाल हो गया। लक्ष्मी के जाने से न सिर्फ उसके परिवार, बल्कि पूरे गांव में गम का माहौल हो गया। जिस घर में शादी के साथ शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा छा गया।
खैरथल की शादी की पहली वर्षगांठ से दो दिन पहले दांतला गांव में एक गर्भवती विवाहिता ने घरेलू कलह से तंग आकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार मृतका ललिता पत्नी महेन्द्र जाटव का मायका अलवर के एमआइए स्थित नंगला चारण गांव में है। पीहर पक्ष के लोगों ने खैरथल महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इस दौरान अस्पताल परिसर में पीहर पक्ष के लोगों ने बेटी के ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मृतका ललिता के पिता राजेश पुत्र बाबूलाल ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। ललिता की छोटी बहन भी इस परिवार में ब्याही है। उसकी शादी गत वर्ष तीस अप्रैल को हुई थी। पुलिस ने ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Updated on:
30 Apr 2026 12:42 pm
Published on:
29 Apr 2026 03:01 pm
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