
पांच साल से कार्यरत अतिथि शिक्षकों के समायोजन की मांग तेज
अलवर. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा राजकीय महाविद्यालयों में 3540 टीचिंग एसोसिएट पदों पर संविदा भर्ती के विज्ञापन जारी होने के बाद प्रदेशभर में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। लंबे समय से विद्या संबल योजना के तहत कार्यरत अतिथि सहायक आचार्यों ने इस भर्ती प्रक्रिया को अपने साथ अन्याय बताते हुए आंदोलन का ऐलान कर दिया है।
संगठन के प्रदेश महामंत्री डॉ. नरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रस्तावित भर्ती पांच वर्ष की संविदा पर आधारित है, जिसमें 28,850 रुपए प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया गया है। उनका कहना है कि यह वेतन महाविद्यालय स्तर पर सहायक आचार्य के बराबर कार्य के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता की बात करती है, वहीं दूसरी ओर कम वेतन में अस्थायी भर्ती कर शिक्षकों के साथ अन्याय किया जा रहा है।
डॉ. सिंह ने कहा कि वर्ष 2021 से विद्या संबल योजना के तहत हजारों अतिथि सहायक आचार्य लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन नई भर्ती में उन्हें किसी प्रकार का लाभ या प्राथमिकता नहीं दी गई है। कई अतिथि शिक्षक अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके हैं, जिससे वे आवेदन करने से भी वंचित रह जाएंगे। इसे उन्होंने “पांच साल की सेवा के साथ कुठाराघात” बताया।
प्रदेश के करीब 2700 अतिथि शिक्षकों ने इस भर्ती का विरोध करते हुए सरकार से मांग की है कि पहले लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों का समायोजन किया जाए, उसके बाद शेष पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए।
अतिथिशिक्षक करेंगे प्रदर्शन
मांगों को लेकर प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक शुक्रवार से जयपुर में धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। साथ ही महाविद्यालयों में अध्यापन कार्य के बहिष्कार का भी निर्णय लिया गया है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
Updated on:
01 May 2026 12:11 pm
Published on:
01 May 2026 12:11 pm
