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राजस्थान में यहां बन रहा 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, कलक्टर ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश

Greenfield Expressway Rajasthan: अलवर में निर्माणाधीन एनएच-148बी इंटर कॉरिडोर को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह एक्सप्रेस-वे बनने के बाद दिल्ली-जयपुर के सफर को तेज और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

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अलवर

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Rakesh Mishra

Apr 29, 2026

Greenfield Expressway Rajasthan

पनियाला हाईवे का मैप देखतीं कलक्टर आर्तिका शुक्ला। फोटो- पत्रिका

Barodamev–Paniyala Expressway अलवर। जिले में बन रहे पनियाला-अलवर-बड़ौदामेव इंटर कॉरिडोर एनएच 148 बी के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को तय समयसीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम गाजूका, बगड़मेव, जुगरावर तथा शीतल इंटरचेंज सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे फ्लाईओवर और अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

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बाधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली

निरीक्षण के समय जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण की प्रगति, मार्ग के विस्तार और कार्य में आ रही बाधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की पूरी पालना होनी चाहिए। रोड सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए आवश्यक स्थानों पर साइनेज लगाने और यातायात नियंत्रण के उचित इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही उन्होंने एक्सप्रेस-वे के आसपास हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए पौधरोपण करवाने पर भी जोर दिया।

2000 करोड़ रुपए की लागत

करीब 86.13 किलोमीटर लंबा यह 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे लगभग 2000 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद दिल्ली से जयपुर का सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा। वर्तमान में यह दूरी तय करने में जहां 2.5 से 3 घंटे लगते हैं, वहीं इस मार्ग के शुरू होने के बाद यह समय घटकर लगभग 1.5 से 2 घंटे रह जाएगा। इस मार्ग पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकेंगे, जिससे यातायात सुगम होगा।

परियोजना के तहत 7 प्रमुख जंक्शन, 3 फ्लाईओवर, 50 अंडरपास और 125 लेवल क्रॉसिंग का निर्माण किया जा रहा है। हर 20 किलोमीटर पर एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे, जबकि ग्रामीणों और किसानों की सुविधा के लिए 1 से 2 किलोमीटर के अंतराल पर अंडरपास तैयार किए जा रहे हैं। इस मार्ग पर ट्रैक्टर, तीन पहिया और दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। यह एक्सप्रेस-वे कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा और अलवर जिले की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। साथ ही, इसके जरिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव होने से क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।