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मेवात में बढ़ते अपराध के विरोध में मौन जुलूस, विश्व हिन्दू परिषद के नेतृत्व में आए सैकड़ों कार्यकर्ता

मेवात और अलवर जिले में बढ़ रहे अपराध पर अंकुश लगाने और आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर विश्व हिन्दू परिषद के तत्वाधान में राष्ट्रपति और राजस्थान के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
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अलवर

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Hiren Joshi

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Updated: 15 Jul 2021, 1:33 PM IST

Vishva Hindu Parishad Maun Juloos Against Crime In Alwar

मेवात में बढ़ते अपराध के विरोध में मौन जुलूस, विश्व हिन्दू परिषद के नेतृत्व में आए सैकड़ों कार्यकर्ता

अलवर. मेवात व अलवर जिले में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के विरोध में विश्व हिन्दू परिषद के तत्वाधान में बुधवार को मौन जुलूस निकालकर राष्ट्रपति और राजस्थान के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। कम्पनी बाग़ स्थित शहीद स्मारक से सुबह 10 बजे शुरू हुए मौन जुलूस को विभिन्न हिंदूवादी संगठन व नेताओं ने समर्थन दिया। जुलूस को कलक्ट्रेट गेट पर रोका गया। वहां से प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि मेवात में समुदाय विशेष के लोगों की ओर से आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। आए दिन बहन-बेटियों के साथ छेड़छाड़, दुष्कर्म, लव जिहाद किया जा रहा है। इसके अलावा धर्म परिवर्तन, दलित उत्पीड़न, धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के चलते पुलिस-प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। मौन जुलूस प्रारम्भ होने से पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग कार्यवाहा कैलाश कल्ला ने सभी को कोरोना नियमों का पालन करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए कहा। जुलूस के दौरान किसी राहगीर को परेशानी ना हो। यह सुनिश्चित करवाया। जुलूस में शामिल लोगों ने हाथों में महिला अत्याचार, गौकशी ख़त्म हो, साधू-संतों की हत्या बंद हो आदि नारों की तख्तियां थामी हुई थी। मौन जुलूस के दौरान पुलिस का जाप्ता साथ रहा। जुलूस निकलने के दौरान कंपनी बाग पर पुलिस ने यातायात को रोका हुआ था।

इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

मौन जुलूस निकालने के बाद सौंपे गए ज्ञापन में अलवर जिले में समुदाय विशेष के लोगों की ओर से किए जा रहे सामूहिक बलात्कार, धर्म परिवर्तन, दलित समाज पर अत्याचार और उनकी कृषि भूमि पर कब्जे, जिले में हो रही गौकशी, गोतस्करी, साइबर ठगी, टटलूबाजी, धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने, व्यापारियों के माल को बीच रास्ते में लूटने समेत अन्य मुद्दे रखे गए। ज्ञापन में आठ घटनाओं का भी जिक्र कर राज्य सरकार से अपराध रोकने, हिन्दू समाज की महिलाओं व बालिकाओं को प्रताड़ित करने वालों की पहचान कर गिरफ्तार करने की मांग की।

बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा शामिल हुए

महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार का विरोध करने बड़ी संख्या में महिलाओं ने मौन जुलूस में हिस्सा लिया। महिलाओं ने ही मौन जुलूस का प्रतिनिधित्व किया। महिलाओं में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूजा कपिल, विश्व हिन्दू परिषद की रचना गोयल, नगर परिषद की पूर्व उपसभापति शशि तिवाडी, पूनम सिंह गुर्जर आदि शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार को सहन नहीं किया जाएगा। सभी को इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा भी शामिल हुए। हाथों में भगवा ध्वज लिए युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।


दुष्कर्म करने वाले लोग समाज में रहने लायक नहीं

अलवर सांसद महंत बालकनाथ ने कहा कि पिछले ढाई साल में मेवात में गौ तश्करी, लव जेहाद के मामले लगातार बढ रहे हैं। अपराधियों को सरकार का संरक्षण मिल रहा है। मौन जुलूस के माध्यम से सरकार को चेताया गया है। बालिकाओं के साथ दुष्कर्म करने वाले लोग समाज में रहने के लायक नहीं है। इनकी जगह जेल में ही होनी चाहिए।

ज्ञापन सौंपने वालों में ये थे शामिल

ज्ञापन सौपने वालों में अलवर सांसद बालकनाथ, शहर विधायक संजय शर्मा, विहिप के प्रान्त उपाध्यक्ष, पूरण बगरहटटा , जिलाध्यक्ष दिलीप मोदी, जिला मंत्री केशवराम घाकड, प्रान्त संयोजक बजरंग दल प्रेम सिंह राजावत, जिला संयोजक संजय पंडित, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय सिंह नरूका, विभाग संघ चालक डॉ. के.के. गुप्ता, पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल, ज्ञानदेव आहूजा, सुनील देवी, मातादीन,, सोहन लाल सुलानिया आदि शामिल रहे।