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पानी की समस्या से त्रस्त अलवर जी जनता, कलक्टर से गुहार भी लगा चुके, लेकिन नहीं हो रहा समाधान

अलवर में पानी की समस्या कम नहीं हो रही है। यहां तक लोग पानी की समस्या बताते हुए रोने लग रहे हैं।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Jul 03, 2021

Water Problem In Alwar: Even Collector Couldn't Solve Problem

पानी की समस्या से त्रस्त अलवर जी जनता, कलक्टर से गुहार भी लगा चुके, लेकिन नहीं हो रहा समाधान

अलवर. नगर परिषद उप सभापति के वार्ड नम्बर-19 की जनता पिछले पांच महीने से पानी की समस्या से जबरदस्त त्रस्त है। महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि वार्ड पार्षद से लेकर जिला कलक्टर तक हो आए, लेकिन फिर भी उन्हें पानी नहीं मिल पा रहा है। अब अपनी समस्या को लेकर कहां जाएं समझ नहीं आ रहा।

पत्रिका टीम शुक्रवार को फिर शहर के वार्ड नम्बर-19 में पहुंची। वार्ड के लादिया बाग, पुरोहितजी की गली और पई गली में पानी की विकराल समस्या देखने को मिली। महावीर प्रसाद, बाबूलाल, विनय सिंह, अश्विन राठौड़, कमला देवी, मंजू शर्मा, बेबी, राधा पारीक, जसवंती देवी, रजनी शर्मा, श्रीदेवी और निर्मला देवी ने बताया कि उनके क्षेत्र में पिछले करीब पांच महीने से पानी की जबरदस्त किल्लत बनी हुई है। उनके वार्ड पार्षद घनश्याम गुर्जर नगर परिषद उप सभापति है। पानी की समस्या को लेकर वह उनके पास कई बार जा चुके हैं, लेकिन वह कहते हैं कि पानी की समस्या लेकर उनके पास मत आओ। जहां से मन करे वहां से गड्ढा खोदकर कनेक्शन ले लो। अपनी पानी की समस्या को लेकर वह जिला कलक्टर तक कई बार गुहार लगा चुके हैं। गुरुवार को भी कलक्ट्रेट गेट पर कलक्टर की गाड़ी रुकवाई थी, लेकिन इतने प्रयासों के बाद भी उन्हें इस गर्मी में पानी नसीब नहीं हो पा रहा है।
पानी की समस्या बताते भावुक हुई वृद्धा

पुरोहितजी की गली में रहने वाली वृद्धा चमेली देवी का पति और बेटा दोनों की मौत हो चुकी है। वह घर में अकेली रहती है। वृद्धा चमेली देवी रोजाना करीब 500 मीटर दूर चौकी स्कूल के पास से छोटी-छोटी बाल्टियों में पानी भरकर लाती है। पत्रिका टीम ने जब वृद्धा चमेली देवी से उनकी समस्या के बारे में पूछा तो वह भावुक हो गई और हाथ जोड़कर पानी मांगने लगी।

मनमर्जी से दे रहे पानी की सप्लाई

पेयजल समस्या ग्रस्त महिलाओं का कहना है कि उन्हें करीब 500 मीटर दूर चौकी स्कूल के पास से पानी भरकर लाना पड़ता है, लेकिन यहां भी जलदाय विभाग के कर्मचारी की ओर से मनमर्जी से राइजिंग लाइन के पानी की सप्लाई दी जा रही है। कभी पानी की सप्लाई दोपहर में तो कभी शाम को दी जा रही है। पानी सप्लाई के लिए कोई एक समय निर्धारित नहीं है। शाम को पानी की सप्लाई खोली जाती है तो घरों के पुरुष साइकिल या गाड़ी पर बर्तन रखकर पानी भरवाने में मदद कर देते हैं। दोपहर में सभी काम पर चले जाते हैं। दोपहर में पानी की सप्लाई खोलने से महिलाओं के पानी भरकर चढ़ाई पर लाने में काफी परेशानी होती है।

गलियों में टैंकर भी नहीं घुसते

लोगों का कहना है कि उनकी गलियां इतनी संकरी है कि उनमें पानी के टैंकर भी नहीं घुस पाते हैं। ऐसे में वह अपनी जलापूर्ति के लिए टैंकर भी नहीं मंगा सकते।

काम के पैसे मांगते हैं कर्मचारी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके क्षेत्र में पाइप लाइन चैक करने या क्षतिग्रस्त पाइप लाइन आदि की मरम्मत करने के लिए आने वाले जलदाय विभाग के कर्मचारी उनसे पैसे लेकर सामान मंगाते हैं। पूछने पर कहते हैं कि जलदाय विभाग के स्टोर में सामान नहीं है।

जर्जर हवेली से भी खतरा

वार्ड नम्बर-19 की पुरोहितजी की गली में बरसों पुरानी एक हवेली है जो कि काफी जर्जर हो चुकी और उसका पिछला कुछ हिस्सा गिर भी चुका है। इस हवेली में किराएदार रहते हैं। हवेली पीछे से इतनी जर्जर हालत में है कि कभी भी गिर सकती है। बरसात के दिनों में इस हवेली से लोगों को खतरा पैदा हो सकता है।