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नगर निगम ने शहर को क्या बना दिया..देखें वीडियो

शहर की सफाई व्यवस्था का मुद्दा विधानसभा चुनाव में सिर चढ़कर बोला। जनता सफाई न होने से परेशान है। हर कोई यही चाहता है कि शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर हो लेकिन नगर निगम ये नहीं कर पा रहा है। चुनाव होने के चार दिन बाद भी शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। आवारा पशु पॉलीथिन खा रहे हैं। मिक्खयां भिनभिना रही हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम इस व्यवस्था में पूरी तरह फेल है। एक साल से सफाई व्यवस्था बदहाल है। जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करनी चाहिए।

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अलवर

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susheel kumar

Nov 29, 2023

शहर की सफाई व्यवस्था का मुद्दा विधानसभा चुनाव में सिर चढ़कर बोला। जनता सफाई न होने से परेशान है। हर कोई यही चाहता है कि शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर हो लेकिन नगर निगम ये नहीं कर पा रहा है। चुनाव होने के चार दिन बाद भी शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। आवारा पशु पॉलीथिन खा रहे हैं। मिक्खयां भिनभिना रही हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम इस व्यवस्था में पूरी तरह फेल है। एक साल से सफाई व्यवस्था बदहाल है। जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करनी चाहिए।


यहां लगे हैं कूड़े के ढेर
बुधवार को शहर के हवाई पाड़ा, पुलिस लाइन, गायत्री मंदिर रोड, मुगल विहार कॉलोनी, चूड़ी मार्केट, रेलवे स्टेशन, मनु मार्ग, आर्य नगर रोड, गौरव पथ, तिजारा मार्ग के पास, काली मोरी अल्कापुरी रोड पर कचरे के ढेर लगे रहे। आसपास के लोगों व दुकानदारों का कहना है कि गंदगी ने यहां रहना मुहाल कर दिया है। कूड़ा नहीं उठने से दुर्गंध आती है। कारोबार प्रभावित हो रहा है। आसपास के लोगों का कहना है कि मच्छर व मिक्खयां पनपने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा हो गया है। नगर निगम से नियमित सफाई नहीं होती। इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर से संपर्क किया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं किया।

अफसर नहीं निकलते शहर में, इसलिए व्यवस्था बदहाल

पार्षद विक्रम यादव का कहना है कि सफाई के लिए एक साल से नया टेंडर नहीं हो पाया। अफसरों की मंशा ही नहीं है। मेरे क्षेत्र समेत समूचे शहर में कूड़े के ढेर लगे हैं। जनता परेशान है। उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। नगर निगम के जिम्मेदार बड़े-बड़े दावे करते हैं लेकिन कभी फील्ड में निकलकर सफाई व्यवस्था का जायजा नहीं लेते। स्वच्छता में नंबर वन आने वाले शहरों के अफसर सुबह 6 बजे ही शहर की सड़कों पर निकलते हैं। पार्षद सतीश यादव का कहना है कि सफाई व्यवस्था इस शहर की शायद ही कभी सुधरे। इसके लिए एक मजबूत टीम व अफसरों की इच्छा शक्ति होनी चाहिए। एसी छोड़कर खुद अधिकारी फील्ड में निकलेंगे तभी व्यवस्था ठीक हो सकती है।

नई रोड लाइटों का काम रुका

शहर में बमुश्किल रोड लाइटों की मरम्मत का काम पूरा हो पाया है लेकिन नई लाइटों का काम रुका हुआ है। निगम को करीब 1700 लाइटें ऐसी लगानी हैं लेकिन 250 ही लग पाई। निगम के पास पाइप नहीं है जबकि टेंडर भी कर दिया। लाइटें न लगने से लोगों को अंधेरे से दिक्कत हो रही है। निगम के बिजली इंजीनियर का कहना है कि पाइप आ गए हैं। नई लाइट लगाने का काम शुरू हो जाएगा।