30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिम्मेदार कौन… सामान्य अस्पताल में छह माह में इलाज के दौरान हो गईं 674 लोगों की मौत

सामान्य अस्पताल में इलाज के दौरान मौत के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पिछले 6 महीने में अस्पताल में 674 मरीजों ने दम तोड़ दिया। मौत का यह आंकड़ा आईसीयू में भर्ती मरीजों का है। इसमें भी जून में सर्वाधिक 133 लोगों की रिकॉर्ड मौत के मामले सामने आए। जून में 19 तारीख काली रही। एक दिन में ही 20 लोग काल का ग्रास बन गए।

2 min read
Google source verification

जून में सबसे अधिक 133 लोग काल के ग्रास में समाए, 19 को एक दिन में 20 की जान गई
अलवर. सामान्य अस्पताल में इलाज के दौरान मौत के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पिछले 6 महीने में अस्पताल में 674 मरीजों ने दम तोड़ दिया। मौत का यह आंकड़ा आईसीयू में भर्ती मरीजों का है। इसमें भी जून में सर्वाधिक 133 लोगों की रिकॉर्ड मौत के मामले सामने आए। जून में 19 तारीख काली रही। एक दिन में ही 20 लोग काल का ग्रास बन गए। इसमें कैंसर से एक, फेफड़े व श्वांस संबंधी बीमारी से 4, ब्रेन हेमरेज से 3, सेप्टिसीमिया से 5, डायरिया से एक व पेरिफेरल इंफेक्शन से 5 लोगों की मौत के साथ ही एक एल्कोहलिक लीवर का मामला शामिल है।
साल दर साल बढ़ रहा मौत का आंकड़ा
साल 2022 में सामान्य अस्पताल में जनवरी से जून तक 6 महीने में कुल 465 मौत हुई। इसके अगले साल 2023 में इस अवधि में मौत का आंकड़ा 84 बढकऱ 551 पर पहुंच गया। वहीं, इस साल जनवरी से जून तक पिछले साल की तुलना में 84 लोगों की अधिक मौत हुई है। इस तरह सामान्य अस्पताल में साल दर साल मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है।
यह है जून में मौत का गणित
सामान्य अस्पताल में मौत के मामलों में अस्थमा व श्वसन संबंधी बीमारी, हृदय रोग, सीरियस प्वाइजङ्क्षनग और दुघर्टना मौत के मुख्य कारणों के रूप में सामने आ रहे हैं। इस साल एक जून को 7, 2 व 3 को 5, 4 को 3, 5 को 2, 6 को 7, 8 को 3, 9 को 2, 10 को 4, 11 को 1, 12 को 2, 13 को 4, 14 को 2, 15 को 3, 16 को 5, 17 को 10, 18 को 13, 19 को 20, व 20 को 9 लोगों की मौत हो गई। इसी तरह 21 को 4, 22 को 3, 23 व 25 को 2, 26 को 3, 27 को 5 एवं 29 को एक और 30 को 2 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि 24 व 28 जून दिन मरीजों के लिए शुभ रहा। इस दिन अस्पताल में एक भी मरीज की मौत नहीं हुई।
एक्सपर्ट व्यू
अस्पताल की सुविधाओं में बढ़ोतरी के साथ ही इलाज की एडवांस टेक्नोलॉजी भी आई है, लेकिन समय के साथ लोगों की दिनचर्या और खानपान में परिवर्तन आया है। बीमारी का एक कारण योग व व्यायाम से दूरी भी सामने आ रहा है। दूसरा कोरोना महामारी के इफेक्ट के कारण युवाओं में भी अचानक हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। इसके कारण पिछले वर्षों की तुलना में बीमारी से मौत के मामले बढ़े हैं।।
डॉ. केके गुप्ता, सेवानिवृत्त पीएमओ, जिला अस्पताल दौसा।

Story Loader