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अलवर के सरकारी कर्यालय चहेतों को पहुंचा रहे लाभ, आम आदमी को होना पड़ रहा परेशान

अलवर के सरकारी कार्यालय चहेतों को लाभ दे रहे हैं। घोटाले की एसीबी से की शिकायत।
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अलवर

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Prem Pathak

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Updated: 13 Jul 2018, 10:21 AM IST

Work of alwar aawasan mandal office

अलवर के सरकारी कर्यालय चहेतों को पहुंचा रहे लाभ, आम आदमी को होना पड़ रहा परेशान

अलवर . हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और..। यह कहावत सरकारी कार्यालयों में काम की गारंटी कानून की पालना में खरी उतर रही है। यहां भी सूचना पट्ट पर लगे पोस्टर तो काम की गारंटी दे रहे हैं लेकिन हकीकत दूसरी हैं। खुद अधिकारी व कर्मचारी ही जनता के काम में अड़ंगा लगाते हैं। जिसका एक ताजा उदाहरण हाल में आवासन मण्डल के अलवर कार्यालय में सामने आया है। आवासन मण्डल कार्यालय के मकानों की बकाया राशि जमा कराने पर 100 प्रतिशत ब्याज में 30 जून तक छूट थी।

एनईबी विस्तार के मकान नम्बर 7/111 के खरीददार लक्ष्मीनारायण वशिष्ठ ने बकाया राशि जमा कराने के लिए 15 जून कार्यालय पहुंचा तो अधिकारियों ने मना कर दिया कि कोई छूट नहीं है। किसी के बताने पर वह 22 जून वापस आवासन मण्डल कार्यालय गया। आवेदन तो ले लिया लेकिन जमा करने से मना कर दिया। जब इस मामले की शिकायत विभाग के आयुक्त रोहित गुप्ता से की तो आवेदन तो जमा कर लिया गया। लेकिन जमा कराने की आखिरी तारीख 30 जून तक बैलेंस ही नहीं निकाला ताकि लाभार्थी इस छूट से बाहर हो जाए। यही हुआ 30 जून तक पैसा जमा नहीं हो सका। दो जुलाई को मकान की शेष राशि का डिमाण्ड पत्र घर भेजा गया। तब तक तारीख निकल चुकी थी।

चहेतों की डिमांड राशि तुरंत जारी की

ऐसा करने के बाद आवेदक ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत दी जिसमें बताया गया कि आवासन मण्डल अलवर के अधिकारी रमेश सैनी व अशोक शर्मा के स्तर पर मकान आवंटियों को ब्याज राशि पर में छूट देने में बड़ा घोटाला हुआ है। चहेतों की डिमाण्ड राशि तुरंत जारी की गई। कुछ ऐसे प्रकरण भी हैं जिनकी राशि जमा कराने का समय सालों पहले निकल गया। उनका पैसा भी छूट देते हुए जमा कर लिया गया।

इस मामले की शिकायत प्राप्त हुई है जिसकी जांच करा रहे हैं। वैसे राशि जमा कराने की छूट आगे बढऩे की पूरी संभावना है। कर्मचारी की गलती से राशि जमा नहीं हुई तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ईश्वर रंगनानी, उपायुक्त, आवासन मण्डल अलवर