अलवर

विश्व किडनी दिवस विशेष: गुर्दों की समस्या से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव जरुरी

अलवर. किडनी शरीर का महत्वर्पूण अंग है, लेकिन आधुनिक जीवनशैली के कारण किडनी की समस्या लोगों में तेजी से बढ़ रही है। राजीव गांधी राजकीय सामान्य चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. सुरेश मीणा के अनुसार सामान्य चिकित्सालय में हर महीने किडनी या गुर्दे की बीमारियों से पीडि़त करीब अस्सी से सौ मरीजों डायलिसिस की जा रही है। इसके अलावा गुर्दे की अन्य बीमारियों से पीडि़त लोग भी उपचार के लिए आ रहे हैं।

2 min read
Mar 09, 2023
विश्व किडनी दिवस विशेष: गुर्दों की समस्या से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव जरुरी

विश्व किडनी दिवस विशेष: गुर्दों की समस्या से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव जरुरी
-जिले में तेजी से बढ़ रहे गुर्दे के रोगी

अलवर. किडनी शरीर का महत्वर्पूण अंग है, लेकिन आधुनिक जीवनशैली के कारण किडनी की समस्या लोगों में तेजी से बढ़ रही है। राजीव गांधी राजकीय सामान्य चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. सुरेश मीणा के अनुसार सामान्य चिकित्सालय में हर महीने किडनी या गुर्दे की बीमारियों से पीडि़त करीब अस्सी से सौ मरीजों डायलिसिस की जा रही है। इसके अलावा गुर्दे की अन्य बीमारियों से पीडि़त लोग भी उपचार के लिए आ रहे हैं।

मानव शरीर में दो किडनी होती है। लेकिन कभी कभी यह देखा जाता है कि एक किडनी सही तरीके से काम नहीं कर रही। जिसे डॉक्टरी इलाज से समझा जा सकता है कि आखिर इसके पीछे की वजह क्या है। विशेषज्ञों के अनुसार रीढ़ की हड्डी के दोनों सिरों पर बीन के आकार के दो अंग होते हैं, जिन्हें किडनी कहते हैं। शरीर के रक्त का बड़ा हिस्सा गुर्दों से होकर गुजरता है। गुर्दों में मौजूद लाखों नेफ्रोन नलिकाएं रक्त को छानकर शुद्ध करती हैं। ये रक्त के अशुद्ध भाग को मूत्र के रूप में अलग भेजती हैं। किडनी रोग का शुरुआती अवस्था में पता नहीं चल पाता और यह इतना खतरनाक होता है कि आगे बढ़कर किडनी फेल्योर का रूप ले लेता है।किडनी के कार्य

चिकित्सकों के अनुसार खून का साफ करना, पेशाब बनाना, मिनरल का अवशोषण करना, हामाेर्ंन का निर्माण, शरीर के टॉकिसन्स को बहार निकालना एवं एसिड बेस का संतुलन बनाए रखना किडनी का कार्य है।- किडनी रोग के लक्षण

पर्याप्त मूत्र नहीं आना, पैरों में सूजन आना, भूख नहीं लगना, सांस लेने में परेशानी आना, पेट में दर्द होना, बार-बार मूत्र आना एवं उल्टी चालू होना आदि किडनी रोग के सामान्य लक्षण हैं।- किडनी में विकृति आने के कारण

हाई ब्लड प्रेशन, डाइबिटीज, किडनी में संक्रमण व पथरी होना, गुर्दे का कैंसर एवं अत्यधिक मात्रा में दर्द निवारक दवाओं का सेवन कराना।-किडनी को स्वस्थ रखने के उपाय

किडनी की बीमारियों से बचने के लिए बीपी व शूगर को कंट्रोल करना बेहद जरुरी है। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पानी चाहिए। भोजन में नमक की मात्रा कम करने के साथ ही धूम्रपान व तंबाकू के सेवन से परहेज करें। दर्द निवारक दवाओं का सेवन भी जरुरी होने पर चिकित्सक की सलाह से ही करें।

-जीवनशैली में बदलाव से बचावप्रथम स्टेज में किडनी की बीमारियों का दवाओं से इलाज संभव है। लेकिन क्रोनिक स्टेज में डायलिसिस व गुर्दा ट्रांस्प्लांट ही इसका उपाय है। गुर्दे की बीमारियों से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव बहुत जरुरी है। स्वस्थ दिनचर्या को अपनाकर गुर्दे की बीमारियों से बचा जा सकता है।

-डॉ. सुरेश मीणा, फिजिशियन, सामान्य चिकित्सालय।

Published on:
09 Mar 2023 11:10 pm
Also Read
View All

अगली खबर