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यूपी में नहीं है कोई सियासी संकट, पूर्ण बहुमत की है सरकार- राम नाईक

प्रदेश में समाजवादी पार्टी के बीच कई दिनों से चल रहे घमासान के बीच लगातार हो रहे उठापटक पर राज्यपाल राम नाईक ने बहुत सधी हुई प्रतिक्रिया दी है।

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Abhishek Gupta

Sep 17, 2016

Ram Naik

Ram Naik

अम्बेडकर नगर. प्रदेश में समाजवादी पार्टी के बीच कई दिनों से चल रहे घमासान के बीच लगातार हो रहे उठापटक पर राज्यपाल राम नाईक ने बहुत सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। जिले में एक एनजीओ की तरफ से आयोजित एक सम्मान समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूम में पहुंचे सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी और सरकार के बीच चल रहे घमासान से कोई सियासी संकट उत्पन्न नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी प्रदेश में हो रहा है वह सपा का अंदरूनी मामला है। राज्यपाल ने कहा कि इस पूरे घटना क्रम पर नजर रखी जा रही है और जरूरी हुआ तो तो इसकी पूरी सूचना केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।

सम्मानित हुए शिक्षक और छात्राएं

पंडित दीन दयाल उपाध्याय के जीवन आदर्शों और सिद्धांतों को जीवन चर्या में शामिल करने के साथ ही गुणवत्ता परक शिक्षा के लिए पूरे प्रदेश में एकात्म मानव दर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान की तरफ से एक प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेश भर से कुल 40 छात्राओं का चयन हुआ था। इनमें से प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त की छात्राओं को इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्यपाल ने सम्मानित किया। इस पूरी प्रतियोगी परीक्षा में छात्राओं को शैक्षिक मार्ग दर्शन देने वाले शिक्षकों को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया है। कार्यक्रम में राम नाईक ने पं दीन दयाल के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे पंडित जी के साथ रहे हैं और उनके मार्गदर्शन में काफी कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि उनके जीवन आदर्शों पर चलकर व्यक्तित्व को निखारा जा सकता है।

सांसद को बोलने का नहीं मिला मौका बना चर्चा का विषय-

एनजीओ की तरफ से आयोजित इस सम्मान समारोह में मंच पर राज्यपाल के अतिरिक्त अन्य चार अतिथियों को भी स्थान दिया गया था, जिसमें भाजपा सांसद डॉ हरिओम पांडेय भी शामिल थे। आयोजक द्वारा मंच पर बैठे सभी को बोलने का अवसर तो दिया गया, लेकिन सांसद को बोलने का अवसर नहीं दिया गया। इस मामले को लेकर राज्यपाल के जाने के बाद लोगों में काफी चर्चा होती रही।