एनजीओ की तरफ से आयोजित इस सम्मान समारोह में मंच पर राज्यपाल के अतिरिक्त अन्य चार अतिथियों को भी स्थान दिया गया था, जिसमें भाजपा सांसद डॉ हरिओम पांडेय भी शामिल थे। आयोजक द्वारा मंच पर बैठे सभी को बोलने का अवसर तो दिया गया, लेकिन सांसद को बोलने का अवसर नहीं दिया गया। इस मामले को लेकर राज्यपाल के जाने के बाद लोगों में काफी चर्चा होती रही।