
ambedkar nagar
अम्बेडकर नगर. प्रदेश सरकार के मुख्य एजेंडे में शामिल है नारी सुरक्षा। इसके लिए जहां सरकार की तरफ से कई कड़े निर्देश जारी किये गए हैं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियों दल तक बनाया गया है, वहीं समय समय पर नारी सुरक्षा सप्ताह, महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गोष्ठी और जागरूकता के तमाम कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। पिछले 4 दिसंबर से लेकर 10 दिसंबर तक जिले में विशेष अभियान के तहत नारी सुरक्षा सप्ताह मनाया गया, जिसमें युवा और तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक के नेत्रित्व में जिले के सभी थाना क्षेत्रों, महिला कॉलेजों और मेडिकल कॉलेज में नारी सशक्तिकरण व महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े आयोजन किये गए, लेकिन यह सभी आयोजन, सरकार द्वारा जारी किये गए निर्देश और पुलिस विभाग की तरफ महिलाओं की सुरक्षा के लिए किये जा रहे दावों का अपराधियों और मनचलों पर कोई असर होता नहीं दिखाई पड़ रहा है।
इन घटनाओं ने खड़े किये सवाल
जिले के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र जहां बीते दिन मदरसे में कार्यरत दो शिक्षिकाओं के साथ पहले तो छेड़खानी हुई और फिर विरोध करने पर शिक्षिकाओं के साथ जमकर मारपीट की गयी और यह सब कारनामा स्कूल वेन चलाने वाले ड्राइवर ने किया। राजेसुल्तान पुर के एक मदरसे में पढ़ाने वाली दो शिक्षिकाएं रोज जिस स्कूल वैन पर बैठकर पढ़ाने जाती थी उसी स्कूल वैन का ड्राइवर आयेदिन शिक्षिकाओं के साथ छेड़खानी करता रहता था। इसी को लेकर अक्सर ये शिक्षिकाएं ड्राइवर की हरकतों का विरोध करती रहती थीं, लेकिन ड्राइवर लगातार उनके साथ गलत हरकतें करने का प्रयास करता रहता था।
ड्राइवर की इन्ही हरकतों का विरोध करना इन शिक्षिकाओं को भारी पड़ गया। आरोपी ड्राइवर अपने तीन साथियों के साथ मिलकर शिक्षिकाओं के साथ जमकर मारपीट की और फिर मौके से फरार हो गए वही सूचना पर पहुंची पुलिस ने शिक्षिका को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर शिक्षिका का इलाज चल रहा है और इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विधवा की नाबालिग पुत्री हुई चाइल्ड ट्रैफिकिंग का शिकार
जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम महरीपुर निवासनी एक विधवा महिला की 12 वर्षीय नाबालिग बालिका को 2 दिसंबर को उसकी पुत्रवधू सोनी अपने साथियों के साथ लेकर फरार हो गई। नाबालिग बालिका अपनी भाभी के झूठे फरेब में फंसकर अपने साथ-साथ जेवर व 50000 नगद भी ले गयी। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने नाबालिग बालिका के अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया था, लेकिन हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। वह तो बालिका की किस्मत अच्छी रही कि शुक्रवार को अचानक अपहृता के भाई ने अपनी बहन को अपहरणकर्ताओं के साथ देख लिया और तत्काल मुकदमे के विवेचक उपनिरीक्षक अवध बिहारी यादव को सूचित किया।
विवेचक अवध बिहारी यादव ने अपने साथ महिला सिपाही सरिता को लेकर मखदूमनगर बाजार में पहुंचकर अपहृता के साथ अपहृता की भाभी सोनी पत्नी अवधेश व अशोक पुत्र पुरुषोत्तम व रविन्द्र यादव पुत्र राम धन यादव को अपनी अभिरक्षा में लेकर थाने आये। नाबालिग बालिका का मुख्य अपहरणकर्ता रामू पुत्र राजेन्द्र निवासी छज्जापुर व सहयोगी राम पुलिस को देख फरार हो गए।
एक माह से अपहृत ये नाबालिग नहीं हो सकी बरामद
अलीगंज थाना क्षेत्र आसोपुर गांव से भी बीते 28 नवम्बर को एक 15 साल की नाबालिग लड़की के बहला फुसला कर अपहरण कर लेने का मुकदमा पुलिस ने दर्ज किया था, जिसमें आसोपुर निवासी विनय शर्मा उर्फ बादल पुत्र केशव शर्मा बीते 28 नवम्बर को शांयकाल लगभग 6.30 बजे शौच के लिए निकली गांव के ही एक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को बहला फुसला कर अपहृत कर फरार हो गया।
बालिका के पिता ने तत्काल घटना की सूचना अलीगंज थाना पुलिस को दिया और बालिका के परिजन तब से लगातार बालिका की तलाश करते रहे।
घटना के तत्काल बाद हरकत में आयी पुलिस ने आरोपी युवक के परिवार के एक सदस्य को पूछताछ के लिए थाने लाई, तुरंत ही राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण पुलिस को पूछताछ के लिए लाये गये युवक को छोड़ना पड़ा और तब से पुलिस ने भी प्रकरण में चुपचाप बैठ गयी है।
अपहृत बालिका के पिता द्वारा पुलिस को घटना के संबंध में नई तहरीर दी गई जिसपर पुलिस ने नाबालिग बालिका के अपहरण व पॉक्सो एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। इस तरह की घटनाएं आयेदिन जिले के किसी न किसी थाना क्षेत्र में छात्राओं, नाबालिग बच्चियों और महिलाओं के साथ घट रही हैं, लेकिन पुलिस इस पर नियंत्रण कर पाने में पूरी तरह से असफल दिखाई पड़ रही है। ऐसे में यह समझा जा सकता है कि प्रदेश सरकार के नारी सुरक्षा के दावे में कितनी सच्चाई है।
Published on:
23 Dec 2017 12:02 pm
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