Breaking News: एसीबी की ताबड़तोड़ कार्रवाई, इस बार जल संसाधन विभाग के बाबू को 7 हजार की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

ACB Raid: 4 साल पहले सेवानिवृत्त चौकीदार का गेच्यूटी व पेंशन था लंबित, इसी को बनाने के एवज में मांगी थी रिश्वत

By: rampravesh vishwakarma

Published: 13 Aug 2020, 04:12 PM IST

अंबिकापुर. एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर की टीम द्वारा रिश्वतखोरों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। इसी महीने एक आरआई को महिला से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। इसी कड़ी में गुरुवार की दोपहर टीम ने जल संसाधन विभाग के क्लर्क (लिपिक) को 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। (ACB raid)

रिश्वत की मांग 4 साल पहले विभाग से चौकीदार के पद से सेवानिवृत्त व्यक्ति से गेच्यूटी व पेंशन प्रकरण के निराकरण के एवज में की गई थी। एसीबी द्वारा आरोपी क्लर्क को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।


जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक-1 अंबिकापुर में शहर का एक व्यक्ति चौकीदार के पद से वर्ष 2015 में रिटायर हुआ था। उसका गेच्यूटी व पेंशन प्रकरण का निराकरण 4 साल बाद भी नहीं किया गया था।

जब वह गे्रच्यूटी व पेंशन की राशि के लिए विभाग के क्लर्क विनय कुमार सिन्हा के पास पहुंचा तो उसने प्रकरण बनाने के एवज में 7 हजार रुपए और रिश्वत की डिमांड की, जबकि पूर्व में वह 3 हजार रुपए ले चुका था। यह बात सेवानिवृत्त चौकीदार ने अपने बेटे लोचन सिंह को बताई। इस पर लोचन सिंह ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो में की।

इसके बाद एसीबी की टीम ने रिश्वत की डिमांड करने वाले बाबू को रंगे हाथों पकडऩे की योजना बनाई। तय कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार की दोपहर पीडि़त को केमिकल लगा 7 हजार रुपए देकर क्लर्क के पास भेजा। (ACB raid)

दफ्तर में जैसे ही क्लर्क विनय कुमार सिन्हा ने रिश्वत के रुपए लिए, पहले से वहां इधर-उधर मौजूद एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से केमिकल लगे 7 हजार रुपए भी बरामद किए। टीम द्वारा अब लालची बाबू को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।


4 साल बाद भी नहीं हुआ था भुगतान
सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी का आलम ये है कि रिटायरमेंट के बाद शासन से मिलने वाले गे्रच्यूटी व पेंशन प्रकरण का निपटारा करने के लिए भी कुछ क्लर्क रिश्वत की मांग करते हैं। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ।

4 साल से गेच्यूटी व पेंशन प्रकरण का निराकरण करने की जगह उसे लटका कर रखा गया था। इधर शिकायत मिलने के बाद एसीबी अंबिकापुर की टीम द्वारा रिश्वतखोरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।


कार्रवाई में ये रहे शामिल
कार्रवाई में एसीबी के उप पुलिस अधीक्षक गौरव मंडल, निरीक्षक प्रमोद खेस, आरक्षक राजेश यादव, उपेंद्र यादव व योगेंद्र सिंह शामिल रहे।

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rampravesh vishwakarma Desk
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