
Shikshakarmies slogan against CM
अंबिकापुर. शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के बैनर तले चल रहे आंदोलन का छठवां दिन शहर में नाटकीय अंदाज में खत्म हुआ। जिला मुख्यालय अंबिकापुर में सुबह से धरने पर बैठे शिक्षकों के टेंट-पंडाल को प्रशासनिक अमले ने पुलिस की मौजूदगी में शाम को जब्त कर लिया।
संघ के सदस्यों ने इस पूरी कार्रवाई का जमकर विरोध किया। पंडाल उखाडऩे के दौरान शिक्षाकर्मियों ने रमन सिंह मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। वहीं सुबह से संघ ने लोगों के बीच भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र को झूठा बताते हुए लोगों को पर्चे बांटे।
शासन-प्रशासन से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे शिक्षक पंचायत संघ की मुश्किलें खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। प्रशासनिक अमले ने अब दमनकारी नीति अपनानी शुरू कर दी। शनिवार को हड़ताल का छठवां दिन था। शिक्षाकर्मी संविलियन व नियमितीकरण सहित अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं।
दिन भर निर्धारित सभा स्थलो में संघ के सदस्य विरोध जताते नजर आए। शिक्षाकर्मी संघ के सदस्यों द्वारा एक नए तरीके को अख्तियार करते हुए आज सातों विकासखंड में लोगों के बीच भाजपा के घोषणा पत्र को बांटा गया। संघ का आरोप है कि 2003 में चुनाव पूर्व भाजपा के तात्कालीन प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान मुख्यमंत्री रमन सिंह एवं उनके सांसदों-विधायकों एवं भाजपा के तात्कालीन नेताओं द्वारा शिक्षाकर्मियों के संविलियन के समर्थन में अनुशंसा पत्र लिखा था।
आज यही जनप्रतिनिधि अपने पत्र की अनदेखी कर रहे हैं। प्रांतीय सह संचालक सुनील सिंह, हृषिकेश उपाध्याय, जिला संचालक मनोज वर्मा, सर्वजीत पाठक, राकेश वर्मा, जिला सह संचालक अरविंद सिंह, सतीश तिवारी, संजय अम्बस्ट, मनोज तिवारी, राजेश सिंह, केके सिंह, नाजिम खान ने बतौली, सीतापुर एवं मैनपाट के धरना स्थल में उपस्थित होकर साथियों का उत्साहवर्धन किया।
इसी बीच शाम करीब 5.15 बजे एसडीएम पुष्पेंद्र शर्मा व कोतवाली टीआई विनय सिंह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ धरनास्थल पहुंचे और टेंट-पंडाल को उखड़वा दिया। पंडाल उखड़ता देख शिक्षाकर्मी सीएम रमन सिंह मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। उन्होंने करीब 20 मिनट तक शासन-प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध किया। इधर एसडीएम पंडाल उखाड़कर चलते बने।
हम पीछे नहीं हटेंगे
प्रशासन की कार्रवाई का हम खुलकर विरोध करते हैं। हमने अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए आवेदन किया था। परमिशन नहीं दी गई। दूसरे आवेदन की अनदेखी कर दी गई। हम रविवार को भी धरने पर रहेंगे। हम पीछे नहीं हटेंगे।
सर्वजीत पाठक
मनाएंगे संविधान दिवस
प्रशासन की इस कार्रवाई का हमनें विरोध किया है। रविवार को धरनास्थल पर ही हम संविधान दिवस मनाएंगे। प्रशासन व पुलिस धरनास्थल से धरती थोड़ी लेकर गई है।
निर्झर मंदिलवार
Published on:
25 Nov 2017 09:45 pm
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