
Chhattisgarh Rajya Gramin Bank
सूरजपुर. छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक द्वारा संचालित बैंक मित्र व बैंक सखी ग्राहक सेवा केंद्र में यदि आपका खाता है तो आपको भी सावधान रहने की जरूरत है। यदि लापरवाही बरती तो आपके खाते से भी रुपए गायब हो सकते हैं। इन शाखाओं में विड्रॉल फार्म न होने के कारण थंब इंप्रेशन के माध्यम से ही रुपए आप जमा व निकाल सकते हैं।
इन केंद्रों का संचालन करने वाले अधिकारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के भोलेपन का फायदा उठाते हुए थंब इंप्रेशन से रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लेने का मामला भी सामने आया है। ऐसे में जब आप रुपए निकालने पहुंचते हैं तो पता चलता है कि आपके खाते में तो राशि ही नहीं बची है।
ऐसा ही खेल कोरिया जिले के बैकुंठपुर के ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय अंतर्गत संचालित ग्राहक सेवा केंद्र खोंड़ से सामने आया है। मामले की जांच में गड़बड़ी सामने आने पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक प्रबंधन सख्त हो गया है।
गौरतलब है कि पत्रिका ने सूरजपुर जिला अंतर्गत ओडग़ी ब्लॉक के खोंड में संचालित ग्रामीण बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र में संचालक विवेक जायसवाल द्वारा थम्ब इम्प्रेशन का गलत इस्तेमाल कर लाखों की गड़बड़ी किए जाने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए मामला सामने लाया था। घोटाले की खबर के बाद ग्रामीण बैंक प्रबंधन सख्त हो गया है तथा क्षेत्रीय कार्यालय बैकुंठपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक ने क्षेत्रान्तर्गत सभी ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधकों को पत्र लिख कड़े निर्देश दिए हैं।
उन्होंने जारी निर्देश में स्प्ष्ट लिखा है कि अब किसी भी शाखा के बीसी के विरुद्ध शिकायत प्राप्त होती है तो इसके लिए शाखा प्रबंधक को भी दोषी माना जायेगा और बीसी के साथ प्रबंधक के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। सभी शाखाओं को पूर्व में विभिन्न पत्रों एवं समीक्षा बैठकों में यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि शाखा के अंतर्गत कार्यरत बैंक मित्र और बैंक सखी के कार्यों एवं उनके केंद्रों में प्रति सप्ताह विजिट कर उनके द्वारा किये जा रहे लेन देन एवं अन्य रजिस्टर की जांच करने के निर्देश दिये।
बीसी द्वारा अधिकतम लेन-देन की सीमा पांच हजार रुपये तय करते हुए इससे ज्यादा का लेन-देन न करने देने के निर्देश दिए गए हैं। जारी पत्र में उन्होंने कहा कि हमारे बैंक में कीयोस्क बैंकिंग के माध्यम से ग्राहकों के खाते खोलना, नगद जमा एवं भुगतान, राशि अंतरण जैसी बैंकिंग सुविधा देने के उद्देश्य से बैंक के द्वारा कॉर्पोरेट बीसी के रूप में सीएससी संस्था को नियुक्त किया गया है।
हमारी विभिन्न शाखाओं में कार्यरत बैंक मित्र और बैंक सखी की नियुक्तियां कार्पोरेट बीसी के अंतर्गत ही की गई हैं एवं समस्त बीसी इसी संस्था के अंतर्गत कार्यरत हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधन ने मामले को लिया गंभीरता से
क्षेत्रीय प्रबंधक ने खोंड़ में हुई गड़बड़ी को गंभीरता से लेते हुए अब इस तरह की अनियमितता के लिए शाखा प्रबंधक पर भी जिम्मेदारी तय करते हुए स्प्ष्ट लिखा है कि शाखा प्रबंधक अपनी शाखा अंतर्गत कार्यरत बैंक मित्र और बैंक सखी की गतिविधियों और लेन देन की नियमित जांच कर यह सुनिश्चित करें कि उनके द्वारा किसी प्रकार की अनियमितता नहीं की जा रही है।
खाता किसी का और आधार किसी और का लिंक
जिले के ग्रामीण अंचलों में बैंक सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किए गए बैंक मित्र अपने कॉर्पोरेट बीसी सीएससी और बैंकों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। वहीं बीसी के साफ्टवेयर में तकनीकी खामियां इतनी हैं कि आए दिन कोई न कोई परेशानी सामने खड़ी रहती है। जहां एक ओर बैंकों द्वारा आधार लिंक के नाम पर अन्य हितग्राही का आधार लिंक कर दिए जाने से हितग्राही समेत बैंक बीसी भी परेशान हैं।
आधार लिंक कार्य में बरती गई लापरवाही का शिकार उपभोक्ता भी हो रहे हैं। वहीं बैंक बीसी को कार्पोरेट बीसी सीएससी द्वारा कई माह से कमीशन का भुगतान भी रोक दिये जाने से बीसी हलाकान हैं।
ऐसे करता था गड़बड़ी
संचालक विवेक जायसवाल ने पूरे घोटाले को ग्रामीणों के अंगूठों के सहारे अंजाम दिया। ग्राहक सेवा केंद्रों में ड्रावल फार्म की सुविधा नहीं होती है और पूरे काम हितग्राही के थम्ब इम्प्रेशन से होते हैं। संचालक इसी थम्ब इम्प्रेशन का सहारा लेता था और खाता चेक कराने या अन्य काम से गए ग्रामीणों से मशीन में कई बार अंगूठा लेता था और उनके खातों से छेड़छाड़ करता था।

Published on:
18 Mar 2018 03:56 pm

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