
Former home minister
अंबिकापुर. आरटीआई कार्यकर्ता ने स्वेच्छानुदान घोटाले का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूरे मामले की जांच कराने की गुहार लगाई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा के खिलाफ जांच का आदेश जारी करते हुए सूरजपुर कलक्टर दीपक सोनी को जांच प्रतिवेदन पेश करने को कहा है।
आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा के खिलाफ स्वेच्छानुदान घोटाला एवं आय से अधिक संपत्ति मामले को लेकर शिकायत की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पूर्व गृहमंत्री द्वारा वर्ष 2016 में स्वेच्छानुदान में की गई गड़बड़ी का खुलासा होने के बावजूद पूरे मामले को दबा दिया गया था।
पूर्व सरकार द्वारा मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं किए जाने पर डीके सोनी ने हाइकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की थी। इसमें हाईकोर्ट द्वारा ११ अप्रैल २०१७ को आदेश पारित करते हुए पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा के खिलाफ लोक आयोग एवं अन्य स्थानों पर शिकायत कर जांच कराने को कहा गया था।
आदेश के आधार पर आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने लोक आयोग छत्तीसगढ़ व अन्य स्थानों पर शिकायत की थी। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी 19 मार्च 2019 को की गई थी।
शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैंकरा के खिलाफ स्वेच्छा अनुदान घोटाले की जांच हेतु कलक्टर सूरजपुर को आदेशित किया है।
15 दिवस के अंदर पेश करना है प्रतिवेदन
अपर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग शिव कुमार सिंह ने कलक्टर सूरजपुर को आदेश जारी करते हुए स्वेच्छानुदान जो स्वीकृति से संबंधित है, उन्हीं बिन्दुओं की जांच कर जांच प्रतिवेदन 15 दिवस के अंदर पेश करने को कहा है।
इसके साथ ही स्वेच्छानुदान से संबंधित बिन्दु छोड़कर शेष बिन्दुओं पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए की गई कार्रवाई से शिकायतकर्ता एवं सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराने को कहा है।
Updated on:
25 Apr 2019, 7:27 PM IST
Published on:
25 Apr 2019, 7:27 PM IST
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