scriptdozens of flaws in riding surface of the 46 crore road of Mainpat | छत्तीसगढ़ के शिमला ‘मैनपाट’ की राह नहीं आसान, 46 करोड़ की नई सडक़ के राइडिंग सरफेस में हैं दर्जनों खामियां | Patrika News

छत्तीसगढ़ के शिमला ‘मैनपाट’ की राह नहीं आसान, 46 करोड़ की नई सडक़ के राइडिंग सरफेस में हैं दर्जनों खामियां

locationअंबिकापुरPublished: Nov 24, 2023 09:09:47 pm

PWD road: अंबिकापुर से नवानगर के बीच ही 13 ऐसे स्पॉट्स जहां रोजाना हादसों का बना हुआ है खतरा, 80 फीसदी पुलियों के पास सडक़ का काम घटिया, 3 दिन में हुए दो हादसे

PWD road
Ambikapur-Nawanagar road
अंबिकापुर. PWD road: सरगुजा जिले में पीडब्ल्डी की सडक़ों का सूरत-ए-हाल ऐसा है कि जिस सडक़ पर निकल जाइए उसमें दर्जनों खामियां मिल जाएंगी। ऐसी ही एक सडक़ अंबिकापुर से दरिमा होते हुए नवानगर की है। यह सडक़ छत्तीसगढ़ के शिमला यानी मैनपाट को जोड़ती है। इस सडक़ के राइडिंग सरफेस में दर्जनों खामियां हैं।

छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाठ की राह पीडब्ल्यूडी और ठेकेदारों ने कठिन कर दी है। तकरीबन एक दशक के बाद इस सडक़ का विभाग ने टेंडर किया था। सडक़ का काम मेसर्स जवाहर लाल गुप्ता फर्म को मिला था। 22 किमी की ये सडक़ कहने को तो 25 जून 2023 को ही पूरी हो गई है।
इस पर 46 करोड़ रुपए खर्च भी किया गया है। लेकिन विभाग ने सडक़ को हैंडओवर लेने से फिलहाल इनकार कर दिया है। इससे ही काम की गुणवत्ता का आंकलन किया जा सकता है।

पत्रिका की पड़ताल में सडक़ के किनारे रहने वालों ने बताया कि सडक़ की गुणवत्ता ऐसी है कि पिछले 3 दिन में दो हादसे हो चुके हैं। कांतिप्रकाशपुर में दुकान चलाने वाले रमेश पाण्डेय ने बताया कि उनकी दुकान के सामने ही सडक़ उखड़ी हुई है।
ठेकेदार ने तकरीबन एक महीने पहले इसका डामर भी निकलवा दिया था। इसके बाद से यहां गिटï्टी (जीएसबी) फैल गई है। इसमें एक-दो दिन के अंतराल में छोटे-छोटे हादसे होते रहते हैं।


पुलियों के पास हुआ सेटलमेंट
22 किलोमीटर लंबी इस सडक़ के अधिकांश पुलियों के पास मिट्टी का सेटलमेंट हो गया है। इसकी वजह से जगह-जगह क्रस्ट (सडक़ बनाने के दौरान उपयोग में लाए जाने वाले मटेरियल्स) दब गया है। पहली बारिश के बाद ही क्रस्ट का दबना इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।
छत्तीसगढ़ के शिमला ‘मैनपाट’ की राह नहीं आसान, 46 करोड़ की नई सडक़ के राइडिंग सरफेस में हैं दर्जनों खामियांकंपटीशन में गुणवत्ता से खिलवाड़
ठेकेदारों में काम पाने की ऐसी होड़ मची है कि वे गुणवत्ता से समझौता कर रहे हैं। टेंडर्स में ठेकेदारों ने रेट इतना खराब कर दिया है कि गुणवत्ता अच्छी दे पाना आसान नहीं है। अफसरों की भूमिका भी इसमें संदेहास्पद है। सरकार को होने वाले लाभ का हवाला देकर अफसर ऐसे कामों को सेंक्सन भी कर रहे हैं।
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हमने हैंडओवर नहीं लिया है
तकरीबन डेढ़ साल पहले काम शुरू हुआ था। 25 जून 2023 को ठेकेदार ने काम पूरा कर लिया है। लेकिन हमने सडक़ को हैंडओवर नहीं लिया है। बारिश की वजह से मिट्टी सेटल हुई है। इसकी वजह से राइडिंग सरफेस स्मूद नहीं है। सडक़ उखड़ी नहीं है। गुणवत्ता ठीक है।
वीरेन्द्र सिंह बेदिया, ईई, पीडब्ल्यूडी, अंबिकापुर

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