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Video: सैनिक स्कूल के पास था भूकंप का केंद्र, सालभर में 5 बार हिली धरती, इस वजह से सरगुजा संभाग में लगातार आ रहा भूकंप

Earthquake: सुबह भूकंप के झटके महसूस होने के बाद घरों से बाहर निकल आए लोग, शहर के स्कूलों की कर दी गई छुट्टी, रिक्टर पैमाने पर 3.9 आंकी गई भूकंप की तीव्रता

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Earthquake

College staff and student out from class

अंबिकापुर. Earthquake: सरगुजा संभाग के अंबिकापुर, बलरामपुर व सूरजपुर जिले में शुक्रवार की सुबह 10.28 बजे तेज आवाज के साथ भूकंप के झटके महसूस किए जाने से अफरातफरी मच गई। अचानक लोगों के घरों में मौजूद सामान हिलने लगे। लोग डर से घरों के बाहर निकल गए। वहीं स्कूलों में भी छुट्टी कर दी गई। मौसम विज्ञानी व भूगोल शास्त्री के अनुसार भूकंप का केन्द्र अंबिकापुर शहर से लगे ग्राम सोनपुर कला बताया जा रहा है। वहीं रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.9 आंकी गई, जबकि गहराई 10 किमी बताई जा रही है। 7 सेकेंड के अंदर दो बार भूकंप के झटके महसूस हुए। एक साल के अंदर सरगुजा संभाग के अलग-अलग क्षेत्रों में अब तक 5 बार भूकंप के झटके आ चुके हैं।


अंबिकापुर में शुक्रवार की सुबह करीब 10.28 बजे तेज आवाज के साथ भूकंप के झटके महसूस किए गए। लोगों के घरों की छत की सीट, पंखे व कुर्सी-टेबल हिलने लगे। इसे देखते हुए लोगों को समझने में देर नहीं हुई कि भूकंप आया है, लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल गए। घरों के बाहर निकलते ही लोग आपस में तेज झटके के संबंध में चर्चा करने लग। गया। वहीं अस्पताल, बैंक के कर्मचारी भी डर से बाहर निकल गए।

इधर भूकंप के झटके महसूस होते ही स्कूलों में बच्चों को क्लास रूम से बाहर निकाला गया। इसके बाद स्कूल प्रबंधनों द्वारा एहतियातन बच्चों की छुट्टी कर दी गई। वहीं भूकंप का केन्द्र बिन्दु भी विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने भूकंप वेधशाला की पुष्टि के बाद बताया कि भूकम्प का वास्तविक केंद्र अम्बिकापुर नगर के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में सैनिक स्कूल के पास सोनपुरकला में था।

भूकंप की तीव्रता 3.9 रिक्टर और गहराई 10 किमी थी। क्रमिक अंतराल में 7 सेकेंड के अंदर 2 से 3 भूकम्पीय झटकों के महसूस होने की पुष्टि स्थानीय लोगों ने की है। वहीं सरगुजा संभाग के अंबिकापुर के अलावा बलरामपुर व सूरजपुर जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार एक साल के अंदर सरगुजा संभाग के अलग-अलग क्षेत्रों में अब तक ५ बार भूकंप के झटके आ चुके हैं।


सरगुजा सम्भाग में 2022 में भूकम्प की घटनाएं
11 जुलाई 22 - कोरिया जिला बैकुंठपुर 4.3 रिक्टर , 8.10 बजे सुबह
29 जुलाई 22 कोरिया जिला बैकुंठपुर 4.6 रिक्टर, 12.58 बजे रात
4 अगस्त 22 - सूरजपुर जिला गंगोटी क्षेत्र 11.57 बजे दिन 3.0 रिक्टर
14 अक्टूबर 22 - कोरिया जिला 5.28 बजे 4.8 रिक्टर
1 नवम्बर को इसी बेल्ट में जबलपुर में भी धरती हिली थी। प्रात: 8.44 बजे, 3.9 रिक्टर

भूगोलविद ने दी ये जानकारी
भूगोलविद अनिल सिन्हा ने बताया कि प्राकृतिक भूकंप भूगर्भ में होने वाले असंतुलन का परिणाम होता है। भूगर्भ में उत्पन्न होने वाली ऊर्जा का किसी न किसी रूप में उत्सर्जन होता है। यह क्रिया भूगर्भिक प्लेटों के टकराने से या प्लेटों के एक दूसरे के विपरीत दिशा जाने में होती है। इस तरह भूगर्भ का गतिशील होना भूकंप का प्रमुख कारण माना जाता है।

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वर्तमान वैज्ञानिक भूगर्भिक अनुसंधानों से यह प्रकाश में आया है कोई भी भूकंप यदि उसका जन्म 10 किलोमीटर की गहराई तक हुआ है तो भूपटल पर विनाशकारी होता है। 4 से 5 मेग्नीट्यूड का भूकंप का प्रभाव बहुत अधिक क्षति के रूप में नहीं होता किंतु मानव को पूरी तरह से बेचैन कर देता है क्योंकि तरंगें बहुत तेजी से मकानों को प्रभावित करती है।

सभी को ज्ञात है कि लटोरी और भटगांव क्षेत्र दोनों बहुत पुराने कोयला उत्खनन के केंद्र हैं और लगातार यहां से कोयले का उत्खनन किया जा रहा है। पृथ्वी के संतुलन का सिद्धांत कहता है कि कोल उत्खनन से जो भूमि खाली होती है इससे धरातल का संतुलन बिगड़ता है और संतुलन बनाने के लिए भूगर्भिक क्रियाएं भी होने लगतीं हंै।

शुक्रवार का भूकंप कुछ इसी तरह का संकेत देता है। सरगुजा संभाग के मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में लगातार भूकंप की आवृत्ति से यह प्रमाणित हो रहा है की दृढ़ भूखंडों के क्षेत्र में भी अब भूकंप की आवृत्ति बढ़ रही है।

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