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अंबिकापुर. आरटीआई कार्यकर्ता (RTI Activist) डीके सोनी द्वारा नगरपालिका बलरामपुर में जल आवर्धन योजना में भारी गड़बड़ी (Disturbance) किए जाने की शिकायत कमिश्नर (Commissioner) से की गई थी। इस पर कमिश्नर ने बलरामपुर कलक्टर को शिकायत की बिंदुओं पर जांच के निर्देश दिए हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता ने शिकायत में उल्लेख किया था कि नगरपालिका बलरामपुर में जल आवर्धन योजना के तहत विभिन्न कार्यों हेतु कार्यादेश 11 अप्रैल 2017 को जारी किया गया था। इसका ठेका बालाजी कंस्ट्रक्शन रायपुर को दिया गया था, लेकिन जो कार्य ठेका कंपनी द्वारा कराया गया, वह काफी घटिया है।
साथ ही बिना काम पूर्ण कराए ही कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करा लिया गया है। साथ ही साथ अनुबंधित राशि 27.68 लाख से अधिक राशि का भुगतान भी अधिकारियों से मिलीभगत कर प्राप्त कर लिया गया है।
आज उक्त योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। अनुबंध से ज्यादा राशि निकालकर कार्य में संलग्न अधिकारी एवं ठेकेदार आपस में मिलकर बंदरबांट कर लिए हैं। (Corruption)
उक्त कार्य में न ही सामानों की गुणवत्ता की जांच कराई गई है और न ही कोई परीक्षण प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया है और न ही कार्य में उपयोग होने वाली सामग्री की रसीद प्रस्तुत की गई है। अधिकारी एवं ठेकेदार ने मिलकर शासकीय राशि का गबन कर लिया है।
कमिश्रर ने कलक्टर को दिए जांच के आदेश
आरटीआई कार्यकर्ता ने कमिश्नर (Commissioner) से मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों व ठेकेदार पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग की थी। इस पर कमिश्नर ने बलरामुपर-रामानुजगंज कलक्टर को तथ्यों की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
Published on:
06 Jan 2021 11:23 pm

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