
Police force in forest
अंबिकापुर/कुसमी. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थानांतर्गत सबाग से ग्राम चुनचुना-पुंदाग तक सड़क निर्माण का काम चल रहा है। शनिवार की सुबह 11 बजे झारखंड की ओर से आए करीब 30-40 हथियारबंद नक्सलियों ने 5 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। वहीं सब-इंजीनियर व 2 मुंशी को अगवा कर साथ ले गए थे।
इसमें से एक मुंशी को माओवादियों ने छोड़ दिया है। सब इंजीनियर व एक मुंशी का अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है। इससे परेशान सब इंजीनियर की पत्नी ने पति को छोडऩे के लिए मार्मिक अपील की है। इधर फोर्स ने भी अपहृत सब इंजीनियर व एक मुंशी की तलाश में पूरी ताकत झोंक दी है। सीआरपीएफ व पुलिस की 5 संयुक्त टीम जंगल में सघन सर्चिंग कर रही है।
गौरतलब है कि पीएमजीएसवाई द्वारा झारखंड बॉर्डर पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सबाग से चुनचुना-पुंदाग तक सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। सबाग से बंदरचुआं तक सड़क बन चुकी है, आगे का काम चल रहा है।
शनिवार की सुबह लगभग 30-40 की संख्या में वर्दीधारी हथियारबंद माओवादी बंदरचुआं के आगे बूढ़ाआम्बा नामक स्थान पर पहुंचे और ठेकेदार के दो मुंशी 50 वर्षीय राजू गुप्ता, 40 वर्षीय शंकर बिहारी व पीएमजीएसवाई के सब इंजीनियर पेत्रस डूंगडूंग को अपने कब्जे में ले लिया।
इसके बाद सड़क निर्माण कार्य में लगी तीन हाइवा, एक जेसीबी व एक रोलर को आग के हवाले कर दिया था। करीब आधे घंटे तक उत्पात मचाने के बाद माओवादी दोनों मुंशी व सब इंजीनियर को भी अगवा कर अपने साथ ले गए थे।
माओवादियों ने रात में ही एक मुंशी राजू गुप्ता को छोड़ दिया है। लेकिन अभी तक सब इंजीनियर पेत्रस डूंगडूंग व शंकर बिहारी का कुछ पता नहीं चल सका है।
सर्चिंग में 200 से अधिक जवान शामिल
घटना के बाद फोर्स ने भी अपहृत सब इंजीनियर व मुंशी की तलाश में पूरी ताकत झोंक दी है। बताया जा रहा है कि सीआरपीएफ व पुलिस की ५ टीम में शामिल 200 से अधिक जवान जंगल में सर्चिंग में लगे हुए हैं। फोर्स चुनचुना-पुंदाग व आसपास के एक-एक इलाके में सर्चिंग कर रही है।
रविवार को भी जहां तक रास्ता था, वहां जवान बाइक से पहुंचे और पत्थरीला व पहाडऩुमा रास्ता मिलने पर पैदल ही गए। वहीं बलरामपुर एसपी टीआर कोशिमा भी सामरी में कैंप कर पूरे आपॅरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। एसपी ने बताया कि अपहृत सब इंजीनियर व मुंशी का अभी तक सुराग नहीं मिल सका है, लेकिन वे जहां भी हैं, सुरक्षित हैं। सर्चिंग में पुलिस व सीआरपीएफ की 5 टीम लगी हुई है।
इधर इंजीनियर की पत्नी की मार्मिक अपील
अपहृत इंजीनियर पेत्रस डूंगडूंग का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। इससे परेशान जशपुर में रहने वाली पत्नी उर्मिला ने मार्मिक अपील करते हुए कहा है कि उनके पति इमानदार कर्मचारी हैं। मैं बीमार रहती हूं, पति ही रायपुर में लंबे समय से उपचार करा रहे थे, दो छोटे बच्चे हैं, मेरे पति को आखिर क्यों ले गए, वे हम पर तरस खाएं और पति को छोड़ दें। इस पूरे घटनाक्रम से इंजीनियर की पत्नी व परिजन काफी चिंतित हैं।
Published on:
30 Apr 2018 04:50 pm
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