
Medical college hospital Police
अंबिकापुर. Swing of death: बच्चों के खेलने के लिए माता-पिता ने घर में साड़ी का झूला बना रखा था। यह झूला उनकी बिटिया के लिए मौत का झूला साबित हुआ। दरअसल 12 वर्षीय बालिका सोमवार की दोपहर साड़ी से बने झूले में झूल रही थी। इसी दौरान अचानक झूला उसके गर्दन में फंस गया और वह बेहोश (Unconscious) होकर जमीन पर गिर पड़ी। घर में रहे बड़े भाई ने यह देखा तो बहन को नीचे उतारा। माता-पिता भी घर पहुंचे और उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। यहां से उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया गया, जहां जांच पश्चात डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूरजपुर जिले के ग्राम परशुरामपुर निवासी सुखदेव सिंह खेती-किसानी करता है। सोमवार की दोपहर वह अपनी पत्नी के साथ खेत में काम करने गया था। इस दौरान घर पर उसकी 12 वर्षीय बेटी रीतिका व बेटा थे। घर में ही बच्चों के झूलने के लिए साड़ी का झूला बनाया गया था।
दोपहर को रीतिका साड़ी से बने झूले में बैठकर झूला झूल रही थी, जबकि भाई दूसरे कमरे में था। इसी दौरान अचानक साड़ी रीतिका के गले में फंस गया और वह अचेत होकर गिर गई। कुछ देर बाद रितिका के भाई ने देखा कि रीतिका अचेत थी और साड़ी में गर्दन में फंसा था।
उसका शरीर साड़ी से लटका हुआ था। इसकी जानकारी भाई ने खेत में काम कर रहे माता-पिता को दी। सूचना पर परिजन घर पहुुंचे और उसे उतारकर इलाज के लिए रामानुजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
रामानुजनगर अस्पताल के डॉक्टरों ने बालिका को गंभीर हालत में देख उसे तत्काल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे लेकर अंबिकापुर पहुंचे।
यहां जांच पश्चात डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वे खुद को कोस रहे थे कि आखिर क्यों उन्होंने साड़ी का झूला बनाया।
Published on:
14 Mar 2023 08:42 pm
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