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CGPSC टॉपर आकांक्षा बोलीं- गर्भ में थी तो पिता की हो चुकी थी मौत, मां के संघर्ष ने पहुंचाया मंजिल पर, अब मां भी नहीं रहीं, दिया ये सक्सेस मंत्र

सीजीपीएससी में अंबिकापुर की आकांक्षा त्रिपाठी को मिला 10वां रैंक, फिलहाल एपीओ के पद पर दे रही हैं अपनी सेवा

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Akansha Tripathi

Akansha Tripathi

अंबिकापुर. जन्म लेने से एक माह पूर्व ही पिता के निधन ने पूरे परिवार को बिखेर डाला था लेकिन मां 'कांति' के संघर्ष ने 'आकांक्षा' को उस मुकाम पर पहुंचा दिया, जहां पहुंचना युवाओं का लक्ष्य होता है। इसके पूर्व भी पीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल कर वे एपीओ के पद पर अंबिकापुर में अपनी सेवाएं दे रही हैं।


राज्य सरकार के शासकीय सेवा में उच्च पद पर पहुंच न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे शहर का नाम रामानुजगंज मार्ग पर रहने वाली आकांक्षा त्रिपाठी ने रौशन किया है। मंगलवार को घोषित परीक्षा परिणाम में आकांक्षा ने पूरे प्रदेश में 10वां रैंक प्राप्त किया है। आकांक्षा ने पत्रिका से चर्चा करते हुए कहा कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा होलीक्रॉस स्कूल व उच्च शिक्षा होली क्रांस वूमेंस कॉलेज में हुई।

माइक्रोबायोलॉजी में एमएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद साइंटिस्ट बनकर देश की सेवा करना उनका लक्ष्य था। लेकिन अचानक कुछ लोगों के कहने पर उन्होंने नौकरी करने की ठान ली। पीएससी हेतु उसने वर्ष २०१५ में बिलासपुर में रहकर तैयारी की थी और 2015 में पहली बार में ही वे सहायक कोषालय के पद पर पहुंचीं।

अंबिकापुर कोषालय में वर्ष 2015 से लगातार अपनी सेवा दे रही हैं। इधर मंगलवार को घोषित परीक्षा परिणाम में उन्हें पूरे प्रदेश में 10वां रैंक प्राप्त हुआ है। यहां भी उन्होंने हार नहीं मानी है और आगे संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर लोगों की सेवा करनी चाहती हैं। उन्होंने बताया कि इस माध्यम से वे लोगों तक पहुंचकर उनका सहयोग कर सकती हैं।


सफलता के लिए आसपास के चीजोंंं से हटाना होगा दिमाग
आकांक्षा त्रिपाठी ने इस सफलता का पूरा श्रेय अपनी माता स्व. कांति त्रिपाठी को दिया। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी सफलता के लिए पढ़ाई में पूरा ध्यान लगाएं। इस दौरान आसपास की चीजों से अपना ध्यान हटाना होगा। लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढऩा होगा।

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