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9/11 हमले के पीड़ितों की पहली आवाज बने लुइस अल्वारेज का निधन

9/11 attack: मलबे को साफ करने के दौरान बीमार लोगों के लिए सरकार से अतिरिक्त सुविधाएं मांग रहे थे अल्वारेज

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Mohit Saxena

Jun 30, 2019

9/11

9/11 हमले के पीड़ितों की पहली आवाज बने लुइस अल्वारेज का निधन

वाशिंगटन। न्यूयॉर्क सिटी पुलिस के पूर्व जासूस लुइस अल्वारेज , जो 9/11 सितंबर हमलों के पीड़ितों के मुआवजे के लिए उचित समर्थन की लड़ाई लड़ रहे थे, उनकी मृत्यु शनिवार को 53 वर्ष की आयु में हो गई। वह कैंसर के मरीज थे। अपने जीवन के आखिरी क्षण तक वह लोगों के लिए लड़ते रहे। अल्वारेज के परिवार वालों ने बताया कि उन्हें 2016 में लीवर कैंसर का पता चला था। तब से वह दवा के सहारे जी रहे थे।

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अल्वारेज ने 2001 में 9/11 के बाद ऐसे पीड़ितों की मदद करने की ठानी जो साइट पर काम करते वक्त बीमार पड़ गए। गौरतलब है कि हमले के बाद इमारत के मलबे को हटाने में हजारों कर्मियों ने वहां दिन-रात काम किया। इस दौरान उन्हें सांस संबधित बीमारी हो गई। मलबे से निकलने वाली धूल ने उन्हें बीमार कर दिया।

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इसकी चपेट में कई पुलिस कर्मी, फायर फाइटर और आपातकालीन राहत कर्मी भी आ गए। इसके बाद से अल्वारेज ने कोर्ट में ऐसे लोगों के लड़ाई लड़ी। उनकी मांग थी कि ऐसे लोगों के लिए सरकार अतिरिक्त फंड और सुविधाएं दे ताकि उनके परिवार को दिक्कतें न झेलनी पड़े।

एक हफ्ते पहले अल्वारेज ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि उसकी आत्मा एक धर्मशाला में रह रही है। डाक्टरों ने उसे जवाब दे दिया है। अल्वारेज का जन्म हवाना में 1965 में हुआ था। उसने 1983 में अलाइन पार्कर से शादी रचाई। उसके तीन बच्चे हैं। 1990 में उसे न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट में नौकरी मिली। 2010 वह रिटायर्ड हो गया।

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