America Averts First Ever Default: पिछले काफी समय से अमरीका कर्ज़ के बोझ तले दबा हुआ था। अमरीका पर इस कर्ज़ के चलते डिफॉल्ट होने के खतरा मंडरा रहा था। पर अब अमरीका राहत की सांस ले सकता है। इसकी वजह है अमरीका का डिफॉल्ट होने से बचना।
दुनिया में सबसे विकसित और सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश अमरीका (United States Of America) पिछले कुछ समय से एक बड़े संकट से जूझ रहा था। सुपर पावर कहलाने वाला अमरीका एक बड़े कर्ज़ के बोझ तले दबा हुआ है। जी हाँ, आपने सही पढ़ा। अमरीका पर करीब 31.46 ट्रिलियन डॉलर्स का कर्ज़ है। भारतीय करेंसी में इसकी वैल्यू करीब 260 लाख करोड़ रुपये है। इस कर्ज़ को बढ़ने में कई साल लगे हैं। कर्ज़ में डूबे अमरीका पर पिछले कुछ समय से डिफॉल्ट होने का खतरा मंडरा रहा था। अगर अमरीका डिफॉल्ट हो जाता, तो देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगता। पर अब हाल ही में अमरीका को इस संकट से राहत मिल गई है।
डिफॉल्ट होने से बचा अमरीका
पिछले कुछ समय से डिफॉल्ट होने के खतरे से जूझ रहे अमरीका से अब यह खतरा टल गया है। अमरीका अब डिफॉल्ट होने से बच गया है। डिफॉल्ट होने का खतरा टलना अमरीका और देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी राहत की बात है।
अमरीकी कांग्रेस ने दी बिल को मंज़ूरी
अमरीकी कांग्रेस ने डिफॉल्ट के खतरे को टालने के लिए डेब्ट सीलिंग बिल को मंज़ूरी दे दी है। पिछले कुछ समय से इस मुद्दे पर चर्चा चल रही थी और अब इसे पास करने के लिए मंज़ूरी दे दी गई है। साथ ही अमरीकी सीनेटर्स ने भी फेडरल डेब्ट लिमिट को सस्पेंड करने के लिए वोट कर दिया है। अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) जल्द ही इस पर हस्ताक्षर करके इसे कानून बना सकते हैं।
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जो बाइडन ने बताया बड़ी जीत
अमरीका के डिफॉल्ट से बचने पर बाइडन ने भी अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। अमरीकी राष्ट्रपति ने इस डेब्ट डील को अमरीका की अर्थव्यवस्था और अमरीकियों के लिए एक बड़ी जीत बताया।