
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति ने फिलिस्तीन को पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने में सहयोग ना देने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर फिलिस्तीन ने यही रवैया जारी रखा तो उनको सहायता में दी जाने वाली सालाना राशि में कटौती कि जा सकती है।
ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेताया फिलिस्तीन को
ट्रंप ने यह बयान मंगलवार को ट्वीट में दिया। उन्होंने ट्वीट में फिलिस्तीन पर निशाना साधते हुए लिखा कि सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं ऐसे और भी देश हैं जिन्हें आर्थिक मदद देने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा,' हम फिलिस्तीनियों को सालभर में सैकड़ों लाख डॉलर की मदद करते हैं, लेकिन बदले में उनकी तरफ से इसपर कोई प्रशंसा या सम्मान का भाव देखने को नहीं मिलता।' उन्होंने आगे फिलिस्तीन पर शांति वार्ता में सहयोग न देने का आरोप लगाते हुए लिखा कि, 'यहां तक कि फिलिस्तीन इजराइल के साथ शांति वार्ता पर विचार-विमर्श के लिए भी तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने इस मामले में पहले ही येरुसलेम का मुद्दा सुलझा लिया है, लेकिन इजराइल को इसके लिए ज्यादा भुगतान करना होगा। ऐसे में अगर फिलिस्तीन शांति वार्ता के लिए तैयार ही नहीं है तो हमें उसे इतनी भरी आर्थिक मदद क्यों करें?'
फिलिस्तीन ने येरुसलेम मुद्दे पर नहीं दिया था अमरीका का साथ
गौरतलब है कि पिछले महीने फिलीस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा था कि फिलीस्तीन ट्रंप प्रशासन द्वारा इजरायल की राजधानी के तौर पर येरुसलेम को मान्यता देने वाले अमरीका के किसी भी कदम का समर्थन नहीं करेगा।'
अमरीका के तरफ से फिलिस्तीनी प्रशासन को 304 मिलियन डॉलर की मदद
आपको बता दें कि अमरीका फिलिस्तीनी प्रशासन को, वेस्ट बैंक और गाजा में चल रहे संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रमों के लिए लगभग 304 मिलियन डॉलर की मदद प्रदान करता है। इसके अलावा फिलस्तीन को अमरीका की तरफ से काफी समय से आर्थिक और सुरक्षा सहायता मुहैया मुहैया करायी जा रही है। अमरीकी सरकार के आकंड़ो कि माने तो साल 2016 में अमरीका के तरफ से करीब 319 मिलियन डॉलर की सहायता राशि दी गयी थी।
ट्रंप अपने दावे को सच करने की प्रयास में जुटे
बता दें की ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान ही यह दावा किया था कि वो मध्य-पर्व में शान्ति स्थापित करके दिखाएंगे। इसी के चलते उन्होंने पिछले दिनों इजराइल में अमरीकी दूतावास को तेल अवीव से बदलकर येरुसलेम कर दिया था अब यह ऐलान भी उनकी इसी कोशिश से जुड़ा लगता है। हालांकि यह बात अभी भी साफ़ नहीं है कि वो फिलस्तीन को दी जाने वाली पूरी राशि को रोक देंगे या आंशिक रूप से कटौती की जायेगी।
Updated on:
03 Jan 2018 11:46 am
Published on:
03 Jan 2018 11:41 am
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