
अमरीकी कामबंदी का एक और बड़ा प्रभाव, नासा का 'डे ऑफ रिमेंबरेंस' हुआ स्थगित
वाशिंगटन। अमरीका में आंशिक कामबंदी के कारण लोगों को अलग-अलग समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को इसके चलते खाने-पीने तक की समस्या हो रही है, तो वहीं कई बड़ी परियोजनाएं और विदेशी यात्राएं भी इस कारण प्रभावित हुई हैं। वहीं अंतरिक्ष नासा के भी काम पर इसका प्रभाव पड़ा, वहां भी कई कर्मचारियों की छटनी करनी पड़ी थी। अब जानकारी मिल रही है कि सरकार की मौजूदा कामबंदी के कारण'डे ऑफ रिमेंबरेंस' (स्मृति दिवस) समारोह को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है।
अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
आपको बता दें कि ये दिन अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपनी जिंदगी कुर्बान करने वाले नायकों के लिए समर्पित है, जो हर साल मनाया जाता रहा है। वहां की एक वेबसाइट के अनुसार, नासा के प्रशासक जिम ब्रिडेंस्टीन ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, 'नासा ने 31 जनवरी को प्रस्तावित समारोह को तबतक के लिए स्थगित कर दिया है, जबतक एजेंसी के कर्मचारी दोबारा काम शुरू नहीं कर देते।' ब्रिडेंस्टीन ने कहा, 'नासा का वार्षिक 'डे ऑफ रिमेंबरेंस' न सिर्फ हमें हमारे परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के बलिदान को दर्शाता है, बल्कि सुरक्षा, संप्रभुता, टीमवर्क के हमारे मूल सिद्धांतों की याद दिलाता है, जैसा कि हम हमारे इतिहास बनाने वाली परियोजनाओं में किया करते थे।'
ब्रिडेंस्टीन का बयान
अपने बयान में उन्होंने कार्यक्रम के स्थगित होने पर दुख भी जताया। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य से, नासा परिवार के अधिकतर लोग अवकाश पर हैं और हमने महसूस किया कि 'डे ऑफ रिमेंबरेंस' में शामिल होना कईयो के लिए चुनौती होगी।' आपको बता दें कि 'डे ऑफ रिमेंबरेंस' नासा के इतिहास में सबसे गंभीर दुर्घटनाओं की याद में मनाया जाता है।
नासा में हुई बड़ी घटनाएं
गौरतलब है कि 27 जनवरी, 1967 को 'अपालो 1' में लांच सिमुलेशन के दौरान आग लग गई थी। वहीं 28 जनवरी, 1986 को 'चैलेंजर स्पेश सटल' में लिफ्ट ऑफ होने के बाद ही विस्फोट हो गया था। तीसरी घटना, 1 फरवरी, 2003 को हुई, जिसमें 'कोलंबिया स्पेश सटल' अंतरिक्ष से धरती की ओर आते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसी घटना में भारतीय-अमरीकी मूल की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की मौत हुई थी।
Published on:
25 Jan 2019 06:15 pm
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