अमरीका के प्रवक्ता ने कहा है कि पिछले कुछ महीनों में नाटो ने अपनी सैन्य ताकत और अपनी गतिविधियों को बढ़ाया है मगर इसके पीछे कोई विशेष कारण नहीं है। नाटो की सेना रूस की तरफ नहीं बढ़ रही हैं। नाटो की ओर से रूस की सीमा पर किए गए सैन्य अभ्यास और सैनिक दलों की तैनाती के बाद मास्को ने एस-400 हवाई सुरक्षा व्यस्था तैयार की है। इसके साथ ही रूस ने अपनी इसकांदर मिसाइल को भी सीमा पर तैनात कर दिया है। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्त दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि सीमा पर नाटो का सामना करने के लिए रूस सभी जरूरी काम कर रहा है। रूस के प्रवक्ता ने कहा है कि नाटो का ये गठबंधन वास्तव में एक आक्रमक गुट है। इसके खतरे को देखते हुए रूस पूरी तरह से तैयार हो गया है। नाटो की ओर से रूस की सीमा पर किए गए सैन्य अभ्यास में करीब 4,000 सैन्य दलों ने पोलैंड, लिथ्युनिया, एस्टोनिया और लातविया शामिल थे। जुलाई में हुए नाटो के समिट में इस सैन्य अभ्यास को लेकर निर्णय कर लिया गया था।