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अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा फैसला, रूसी जांच से जुड़े दस्तावेज होंगे सार्वजनिक

राष्ट्रपति चुनाव में रूस के दखल को लेकर चल रही जांच से जुड़े विभिन्न दस्तावेजों और मोबाइल संदेशों को सार्वजनिक किया जाएगा।

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अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा फैसला, रूसी जांच से जुड़े दस्तावेज होंगे सार्वजनिक

वाशिंगटनः अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी जांच से जुड़े विभिन्न दस्तावेजों और मोबाइल संदेशों को सार्वजनिक करने के आदेश दिए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने को कहा, "आदेश के अंतर्गत 'विदेशी खुफिया निगरानी अधिनियम' (फीसा) आवेदन के चुनिंदा हिस्से और फीसा वारंट अनुरोध के संबंध में तैयार की गई एफबीआई की सभी रपटें शामिल हैं।" राष्ट्रपति ने न्याय विभाग को भी एफबीआई के पूर्व निदेशक जेम्स कोमे, एफबीआई के पूर्व उपनिदेशक एंड्र मैक्केब, एफबीआई के पूर्व एजेंट पीटर स्ट्रजोक, एफबीआई के पूर्व अधिवक्ता लीसा पेज और एक पूर्व न्यायिक अधिकारी ब्रस ओहर द्वारा रूसी जांच से संबंधित भेजे गए सभी संदेशों को भी जारी करने के आदेश दिए।

जल्द जारी होंगे जांच से जुड़े दस्तावेज
न्याय विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति जब ऐसा आदेश जारी करते हैं तो इससे विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जाने वाली सार्वजनीकरण समीक्षा प्रक्रिया को गति मिलती है। यह अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा, "विभाग और 'फेडरल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन' (एफबीआई) राष्ट्रपति के आदेश का पालन करने के लिए पहले ही राष्ट्रीय खुफिया के निदेशक के साथ काम कर रहा है।" उधर, डोनाल्ट ट्रंप ने ट्विटर पर अक्सर तिरस्कारपूर्ण आलोचना करने वाले सभी लोगों को भी चुनकर अलग कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान विपक्षी उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने आरोप लगाया था कि राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हैकिंग और दुष्प्रचार की वजह से ट्रंप को जीत मिली राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी के पूर्व निदेशक डैन कोट्स ने भी कहा था कि रूस ने 2016 अमरीकी चुनावों में हस्तक्षेप किया था। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया था कि उनके बेटे ने प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए जून 2016 में रूस के वकील से मुलाकात की थी। हालांकि, ट्रंप ने इस बैठक का बचाव करते हुए इसे कानूनी करार दिया। ट्रंप ने रूस के साथ किसी तरह की सांठगांठ से भी इनकार किया था।