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नक्सल संगठन या हथियारबंद सूमहों की ओर से बच्चों के इस्तेमाल पर UN गंभीर

गुटेरसे ने सरकार से बच्चों की रक्षा करने के लिए ध्यान देने की अपील की है। साथ ही सभी सुरक्षा एजेंसियों से यूएन के साथ जुड़कर रक्षा करने का आग्रह किया।
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नई दिल्ली

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Prashant Kumar Jha

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Updated: 7 Oct 2017, 10:01 PM IST

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न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र ने बच्चों को नक्सली और अलगावदी ग्रुप में इस्तेमाल करने पर चिंता जाहिर की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि ऐसी रिपोर्ट मिली है कि छत्तीसगढ़, झारखंड और जम्मू कश्मीर में नक्सली और अलगावादी संगठन सुरक्षा बलों से लड़ने के लिए बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र गुटेरेस ने सशस्त्र संघर्ष में बच्चों पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि 'बच्चे हथियारबंद समूह नक्सल और अलगावाद संगठन और सरकार के बीच विशेष रूप से छत्तीसगढ़ झारखंड और जम्मू कश्मीर में हो रही हिंसा की घटनाओं से प्रभावित हैं।'

हथियारबंद समूहों ने 30 स्कूलों में लगाई आग

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू एवं कश्मीर में हथियारबंद समूहों द्वारा 30 स्कूलों को आग के हवाले कर दिया गया है या आंशिक रूप से बर्बाद कर दिया गया है। महासचिव गुटेरेस ने कहा, 'इसके अलावा, सरकारी रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि सुरक्षाबल बीते कई सप्ताह से चार स्कूलों का सैन्य इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि 2016 की रिपोर्ट में पहले की तुलना में बच्चों के इस्तेमाल में कमी आई है। नक्सलियों या हथियारबंद समूहों द्वारा बच्चों के इस्तेमाल में अब छह राज्यों की तुलना में सिर्फ दो राज्यों तक ही सीमित हो गए हैं। यूएन महासचिव ने आगे कहा कि भारत सरकार जल्द से जल्द इस समस्या को दूर करने पर ध्यान दे और बच्चों को नक्सली और आतंकी संगठनों में भर्ती होने से बचाए। गुटरसे ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए।'

बच्चों को सुसाइड बॉम्बर के रूप में करते इस्तेमाल

यूएन रिपोर्ट के अनुसार हथियारबंद ग्रुप बच्चों को अपने संगठन में शामिल करने के लिए उनके माता-पिता को धमकी देते हैं। यूएन रिपोर्ट के मुताबिक उग्रवादी बच्चों को ट्रेनड कर उनका इस्तेमाल संदेशवाहक, मुखबिर और सुसाइड बॉम्बर के रूप में करते हैं।

23 बच्चों को मुक्त कराया गया

रिपोर्ट में झारखंड के गुमला में 2016 में 23 बच्चों को नक्सली संगठनों के कब्जे से मुक्त करा इनका स्कूल में नामांकन कराए जाने का भी उल्लेख है। हालांकि गुटेरेस ने कहा कि 2016 में अलग अलग मामलों में 8 हजार से ज्यादा बच्चों प्रभावित हुए हैं जिसमें कई बच्चे या तो अपंग हो गए या उनकी मौते हो गई। रिपोर्ट में बच्चों पर हो रहे लगातार हमलों, बच्चों की तस्करी और बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा की भी चर्चा है।

यूएन महासचिव ने की अपील

गुटेरसे ने सरकार से बच्चों की रक्षा करने के लिए ध्यान देने की अपील की है। साथ ही सभी सुरक्षा एजेंसियों से यूएन के साथ जुड़कर रक्षा करने का आग्रह किा है। गुटेरेस ने कहा, 'मैं भारत सरकार से इन आतंकवादी संगठनों से बच्चों को बचाने के लिए उचित तंत्र विकसित करने का आग्रह करता हूं। मैं सरकार से किसी भी तरह की हिंसा से बच्चों को बचाने का भी आग्रह करता हूं।'