16 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारतीयों के लिए अमरीका से आई खुशखबरी, H-1B वीजा की प्रोसेसिंग सर्विस फिर से हुई शुरु

पांच महीने ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा की प्रोसेसिंग सर्विस पर लगा दी थी रोक, जिसके बाद कई भारतीयों को इससे नुकसान हुआ था।

2 min read
Google source verification

image

Rahul Chauhan

Sep 19, 2017

visa

न्यूयॉर्क: H-1B वीजा को लेकर सख्त रुप अपनाकर भारत को झटका देने वाले अमरीका ने अब इस मुद्दे पर नरम रुख अख्तियार कर लिया है। दरअसल, अमरीकी सरकार फिर से एच-1बी वीजा आवेदनों के तेजी से निपटारे के लिए प्रोसेसिंग शुरु कर चुकी है। अमरीका के इस कदम के बाद लाखों भारतीयों को इसका फायदा होगा।

5 महीने पहले ट्रंप ने लगाई थी रोक
आपको बता दें कि एच-1बी वीजा की प्रीमियम प्रोसेसिंग सर्विस पर पांच महीने पहले डोनाल्ड ट्रंप ने रोक लगा दी थी, जिसके बाद भारत और अमरीका के रिश्तों में थोड़ी से तल्खी आ गई थी और कई भारतीयों को इसकी वजह से दिक्कत हुई थी।

एच-1बी के जरिए ही अमरीका में मिलती है नौकरी
5 महीने से बंद पड़ी इस प्रक्रिया पर अब कांग्रेस की ओर से तय सीमा के तहत सभी श्रेणियों के वीजा की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया गया। आपको बता दें कि H-1B वर्क वीजा भारतीय प्रफेशनलों में खासा लोकप्रिय है। यह एक गैर-आव्रजन वीजा है जिसके तहत अमेरिकी कंपनियां अपने विदेशी एंप्लॉयीज के लिए वीजा आवेदन करती हैं, जिसमें ज्यादात संख्या भारतीयों की होती हैं।

रोक के बाद वीजा आवेदनों का लग गया था ढेर
एच-1बी वीजा के तहत ही अमरीकी टेक्नॉलजी कंपनियां हर साल हजारों कर्मचारियों को विदेशों से लाती हैं और इस वीजा के आवेदन प्रोसेसिंग पर रोक लगाकर सबसे बड़ा झटका भारत को ही दिया था। नए आवेदनों के अंबार को देखते हुए अप्रैल मे H-1B वीजा की प्रीमियम प्रोसेसिंग स्थगित कर दी गई थी। एक मीडिया रिलीज के जरिए बताया गया कि अमेरिकी नागरिता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने सोमवार को वित्त वर्ष 2018 के लिए सभी श्रेणियों के लिए H-1B आवेदनों की प्रीमियम प्रोसेसिंग दुबारा बहाल कर दी।

15 दिन में पूरी होगी प्रोसेसिंग
नई घोषणा के बाद वित्त वर्ष 2018 के लिए H-1B वीजा की सीमा 65,000 तय की गई है। रिलीज में कहा गया है कि इनके अलावा उन 20,000 अतिरिक्त आवेदनों की प्रीमियम प्रोसेसिंग भी बहाल हो चुकी है जिन्हें अमेरिका से ही उच्च शिक्षा प्राप्त करनेवालों की नियुक्ति के लिए अलग रखा गया है। जब कोई आवेदक एंजेसी से प्रीमिय प्रोसेसिंग सर्विस की दरख्वास्त करता है तो यूएससीआईएस 15 दिन के अंदर वीजा प्रक्रिया पूरा करने की गारंटी देती है। यूएससीआईसी ने कहा, '15 दिनों के अंदर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाने की सूरत में एजेंसी आवेदक से ली गई प्रीमियम प्रोसेसिंग फी वापस कर देती है, लेकिन प्रक्रिया में तेजी बरकरार रखती है।'

अभी भी इस प्रकार के वीजा आवेदन है स्थगित
रिलीज में कहा गया है कि प्रीमियम प्रोसेसिंग सर्विस सिर्फ लंबित आवेदनों के लिए ही दी जाती है, नए आवेदनों के लिए नहीं क्योंकि वित्त वर्ष 2018 के लिए यूएससीआईएस को अप्रैल में ही पर्याप्त आवेदन मिल चुके हैं। यूएससीआईएस ने बताया, 'अमेरिका में ठहरने की अवधि बढ़ाने जैसे अन्य दूसरे H-1B आवेदनों की प्रीमियम प्रोसेसिंग अब भी स्थगित है।' इसने कहा कि वह उन आवेदनों की प्रीमियम प्रोसेसिंग सर्विस की बहाली करने की योजना बना रही है जिसका संबंध वित्त वर्ष 2018 से नहीं है।