ईरान के परमाणु समझौते से पीछे हटने पर भड़का अमरीका, नए प्रतिबंधों का ऐलान

  • चरम पर पहुंचा अमरीका और ईरान के बीच का तनाव
  • अमरीका पहले ही ईरानी तेल पर लगा चुका है वैन
  • अब धातुओं के व्यापार पर नए प्रतिबंधों का ऐलान

By: Siddharth Priyadarshi

Updated: 09 May 2019, 09:04 PM IST

वाशिंगटन। अमरीका ने एक बार फिर ईरान पर कुछ नए प्रतिबंध आरोपित किये हैं। ईरान द्वारा बुधवार को परमाणु संधि से पीछे हटने के प्रस्ताव पर भड़के अमरीका ने कड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान द्वारा धातुओं का व्यापार करने पर प्रतिबंधों का एलान किया है। अमरीका द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि ट्रम्प के एक कार्यकारी आदेश में ईरान के लौह इस्पात, एल्यूमीनियम और तांबे के व्यापार पर प्रतिबंध का ऐलान किया है। आपको बता दें कि पहले ईरान पर अमरीकी प्रतिबंध मुख्यतः तेल निर्यात को लेकर था। गौरतलब है कि प्रतिबंधित नए क्षेत्रों का निर्यात राजस्व ईरान की अर्थव्यवस्था का 10 प्रतिशत है। तेल के बाद इन धातुओं के निर्यात से ईरान को राजस्व का एक बड़ा हिस्स्सा मिलता था।

बालाकोट एयर स्ट्राइक: जैश-ए-मोहम्मद के 130 से 170 आतंकियों का हुआ सफाया, अब भी 45 का चल रहा है इलाज

अमरीका ने लगाए नए प्रतिबंध

अमरीका ने ईरान पर धातु निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमरीका की यह घोषणा तेहरान के उस एलान के बाद हुई है जिसमें उसने कहा था कि वह परमाणु संधि की कुछ शर्तों के अनुपालन से पीछे हट रहा है । अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, "तेहरान आगे की कार्रवाई की उम्मीद कर सकता है जब तक कि वह बुनियादी रूप से अपने आचरण को बदल नहीं देता है।" औद्योगिक धातुओं के निर्यात से राजस्व को लक्षित करते हुए वाशिंगटन ने ईरान की कमर तोड़ने के इरादे से नए प्रतिबंध लगाए हैं। आपको बता दें कि अमरीका और ईरान के बीच 2015 में अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते पर दस्तखत हुए थे। ईरान ने कुछ घंटे पहले घोषणा की थी कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दे रहा है।

परमाणु समझौते से पीछे हटकर ईरान ने खोला नया मोर्चा, क्या हमला करने का जोखिम उठाएगा अमरीका

ईरान पर कड़ी कारवाई

वाइट हाउस के एक बयान में कहा गया है कि ट्रम्प द्वारा जारी एक कार्यकारी आदेश में ईरान के लौह इस्पात, एल्यूमीनियम और तांबे के निर्यात पर प्रतिबंध आरोपित किए जाने हैं। अमरीकी प्रशासन का कहना है कि ट्रम्प के पूर्ववर्ती बराक ओबामा द्वारा ईरान के साथ हुआ परमाणु समझौता त्रुटिपूर्ण था क्योंकि यह स्थायी नहीं है। प्रशासन ने कहा है कि असल में यह ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को संबोधित नहीं करता है और मध्य पूर्व में छद्म युद्ध छेड़ने के लिए इसे दंडित नहीं करता है। ट्रम्प प्रशासन ने पिछले हफ्ते कहा था कि ईरान को अपनी हरकतों में सुधार करने की जरुरत है। अब नए कार्यकारी आदेश से प्रभावी रूप से खनिजों और उनके उत्पादों की खरीद, अधिग्रहण, बिक्री, परिवहन, या मार्केटिंग से संबंधित संस्थाओं पर अमरीका प्रतिबंध लगा सकता है । अमरीकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि वह ईरान के धातु क्षेत्रों से संबंधित लेन देन बंद करने के लिए 90 दिन की अनुमति दे रहा है। अगर 8 मई के बाद किसी भी नए दावेदार ने इस व्यवसाय में प्रवेश करने की कोशिश की तो उसे डाउननिंग एक्टिविटी नहीं माना जाएगा और उस पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिए जायेंगे। बता दें कि एक साल पहले ट्रम्प ने ईरान, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और यूएस द्वारा हस्ताक्षरित परमाणु समझौते से अपने देश को वापस ले लिया था।

विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..

Donald Trump
Show More
Siddharth Priyadarshi Content
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned