4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रूस के रवैये से नाखुश है अमरीका, और कड़े प्रतिबंध लगाने की कर रहा है तैयारी

मंगलवार मंडलेकर ने कहा, 'रूस की घातक गतिविधियां अभी भी जारी हैं। यदि यह इसी तरह जारी रहीं तो अमरीका, रूस पर और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाएगा।'

2 min read
Google source verification

image

Shweta Singh

Aug 22, 2018

US to impose more high restrictions on russia says finance ministry

रूस के रवैये से नाखुश है अमरीका, और कड़े प्रतिबंध लगाने की कर रहा है तैयारी

वाशिंगटन। अमरीका अब रूस पर प्रतिबंध लगाने की फिराक में है। दरअसल की वहां के वित्त विभाग की अवर सचिव (अंडर सेक्रेटरी) सिगल मंडेलकर ने कहा कि अगर रूस ने अपने वैश्विक व्यवहार में बदलाव नहीं किया तो वाशिंगटन भी उस पर और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने से नहीं हिचकेगा।

मंडेलकर ने बैंकिंग,आवास और शहरी मामलों की अमरीकी सीनेट समिति के सामने ये बाते कहीं

ये बातें मंडेलकर ने बैंकिंग,आवास और शहरी मामलों की अमरीकी सीनेट समिति के सामने कहीं। मंगलवार मंडलेकर ने कहा, 'रूस की घातक गतिविधियां अभी भी जारी हैं। यदि यह इसी तरह जारी रहीं तो अमरीका, रूस पर और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाएगा।' उन्होंने कहा, 'हमारी गतिविधियों और अन्य वित्तीय कदमों के महत्व को रणनीतिक प्रभावों के संदर्भ में मापा जाना चाहिए।'

ये भी पढ़ें:- जेल में ईद मनाएगा नवाज शरीफ और उनका परिवार, अदालत ने याचिका पर सुनवाई की स्थगित

रूस की घातक गतिविधियों के खिलाफ जारी रहेगा प्रतिबंध

वहीं सहायक वित्त सचिव मार्शल बिलिंगस्ला ने विदेशी संबंध मामलों की सीनेट समिति के सामने इस संबंध में कहा कि वित्त मंत्रालय रूसी आक्रामकता को शीर्ष प्राथमिकता के तौर पर देखता है और रूस की घातक गतिविधियों के खिलाफ मंत्रालय की ओर से लगाए गए प्रतिबंध लगाना जारी रखेगा। गौरतलब है कि जनवरी 2017 से ट्रंप प्रशासन ने रूस से संबंधित 217 इकाइयों और लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

आगामी अमरीकी प्रतिबंध मैत्रीपूर्ण नहीं, अवैध हैं: क्रेमलिन प्रवक्ता

आपको बता दें कि क्रेमलिन प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने सोमवार को कहा कि आगामी अमरीकी प्रतिबंध मैत्रीपूर्ण नहीं, अवैध हैं और इससे बड़े पैमाने पर अंतर्राष्ट्रीय व्यपाार बाधित होगा। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों देशों के बीच समस्याओं के निपटारे के लिए हमेशा तैयार रहते हैं ।

ये भी पढ़ें:- चीन: चलते-चलते सड़क के बीचों-बीच आ गया था ये नेत्रहीन, कुछ ऐसे बची जान