रिपोर्ट के माध्यम से कांग्रेस को बताया गया कि भारत सरकार ने आईएसआईएस और अल कायदा इन द इंडियन सबकांटीनेंट (एक्यूआईएस) जैसे आतंकी संगठनों से पैदा होने वाले खतरों पर करीबी निगरानी जारी रखी है। भारत के अंदर हमले की साजिश रचने और आईएसआईएस से जुड़ी भर्तियों को लेकर कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान ने दूसरे देशों को निशाना बनाने वाले लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के खिलाफ 2016 में ठोस कार्रवाई नहीं की। जिसका नतीजा यह है कि इन संगठनों ने पाकिस्तान में संचालित होना, प्रशिक्षण देना, संगठित होना और धन जुटाना जारी रखा है।