दरअसल, उसेन बोल्ट ने 14 अगस्त को 200 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीता था। उस वक्त एयरपोर्ट पर लोग अपनी फ्लाइट के इंतजार में दौड़ की प्रतियोगिता देख रहे थे। न्यूयॉर्क पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में पाया कि लोग जीत का जश्न मना रहे थे। कुछ उग्र हो गए। पुलिस के अनुसार, बोल्ट की जीत के करीब सात मिनट बाद पुलिस को गोलीबारी की सूचना फोन कॉल के जरिये दी गई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। चश्मदीदों ने भी कहा कि बोल्ट की जीत से कुछ इतने उग्र हो गए कि वो चिल्लाने लगे। इस बीच किसी ने गोलाबारी की बात कही। बहरहाल, इस घटना से लोग डर गए। टर्मिनल को खाली कराया गया। पुलिसकर्मी पहुंचे और उन्हें जांच में कोई घायल नहीं मिला और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। कई उड़ानें रद्द कर दी गईं और अन्य फ्लाइट्स को दूसरी जगह जगह डायवर्ट किया गया।
झूठे कॉल्स और चर्चा से दहशत फैली
जांच के बाद पुलिस ने पाया कि कोई गोलीबारी नहीं हुई है। झूठी फोन कॉल्स और लोगों के एक दूसरे के साथ चर्चा करने पर माहौल बिगड़ता चला गया। न्यूयार्क पुलिस विभाग के विशेष अभियान प्रकोष्ठ के प्रमुख हैरी वेडिन ने ट्वीट किया- सभी टर्मिनलों की जांच की गई और उन्हें ठीक करार दिया गया। नकारात्मक परिणाम। सभी प्रभावित टर्मिनल जल्द परिचालन शुरू करेंगे। कोई गोली नहीं चली है। इसके बाद एयरपोर्ट ने भी औपचारिक तौर पर किसी भी तरह की गोलीबार की घटना से इनकार करते हुए सब सामान्य होने की जानकारी दी।