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बिना बिजली कनेक्शन आया 50 हजार का बिल, लोगों ने काटा हंगामा

बिना बिजली कनेक्शन आया 50 हजार का बिल, लोगों ने काटा हंगामा

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Ruchi Sharma

Jul 25, 2017

Reading Billing work at 30% lower than private com

Reading Billing work at 30% lower than private company, Electricity Organization Organization offered, bhopal

अमेठी. अमेठी सूबे के मुखिया विद्युत विभाग को सुधारने के लिए लाख कोशिश कर ले लेकिन उनके अधिकारी है कि सुधरने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला अमेठी का है, जहां विद्युत विभाग ग्रामीणों को अपने रिकॉर्ड में कनेक्शन तो काफी समय पहले से चालू कर दिया है, लेकिन अब तक उनके घरों में लाइट नही पहुंची है। लेकिन बिल पहुंचने लगा है वह भी हजारों में।वहीं ग्रामीणों की माने तो बिल जमा करने की धमकी भी दी जाती है।



देखें वीडियो-



अमेठी में विद्युत विभाग का कारनामा अगर आप सुनेंगे तो हैरान रह जायेगे। दरअसल अमेठी जिला के जायस थाना क्षेत्र के बहादुरपुर में एक दलित बस्ती का गांव गंगाराम का पुरवां है। वहां के दलित लोगों का आरोप है कि कुछ साल पहले राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के नाम पर कुछ लोग गांव में आकर हम लोगों को कनेक्शन देने के लिये आधार कॉर्ड और राशन कॉर्ड लेकर गये थे। लेकिन तब से अब तक न तो वे वापस आये और ना ही इन लोगों का विद्युत कनेक्शन के लिये गांव विद्युत पोल लगे और न ही घरों में लाइट जोड़ी गई, लेकिन तब से अब तक का विद्युत बिल इन लोगों को जरूर मिल गया है। इतना ही नहीं विद्युत अधिकारी आये दिन बिल जमा करने के लिये धमकी भी देते है।



वही पर उस गांव के लोगों की माने तो उनका कहना है कि हम लोगों का अभी तक कनेक्शन तो जुड़ा नहीं और हम लोगों का 25 से लेकर 50 हजार का बिल आ गया है। हम लोग मेनहत मजदूरी करने वाले लोग है। किसी तरह अपना और अपने बच्चों का पेट पलते है और लाइट का उपयोग भी नहीं किये है, तो कहां से पैसा ला कर जमा करें। इसको लेकर हम लोग सभी आधिकरियों से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई अब तक नहीं हुई।



इस मामले में जब सच्चाई जानने के लिये विद्युत विभाग के एक्स सी एन हनुमान प्रसाद मिश्रा पहुंचे और उनसे सवाल पूछे तो उन्होंने जो जवाब दिया उसमें वे खुद ही फंसते नजर आये। पहले उनसे पूछा गया कि उस गांव के लोग विद्युत का उपयोग नहीं किये तो बिल कैसे आ गया तो वे गांव वालों के आरोप को झूठा बता कर कहा कि वे लोग उपयोग किये है। लेकिन जब उनसे दुबारा पूछा गया कि पूरे गांव में पोल ही नहीं गड़े तो गांव वाले लाइट का उपयोग कैसे किये तो तो उन्होंने कहा कि हमने पोल ही उखड़ाव दिया है।


एक तरफ विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के चलते ग्रामीणों के यहां लाइट का न पहुंचने के बाद भी बिल का आ जाना और बिल जमा करने के दबाव बनाना विद्युत विभाग को सवाल के घेरे में खड़ा करता है। ऐसे में देखने वाली बात ये होगी की क्या ग्रामिणों को न्याय मिलना सम्भव होगा।