
Trump vs Iran Power Plant Day
Trump vs Iran Power Plant Day: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित सोशल मीडिया पोस्ट पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप की ओर से दी गई कड़ी चेतावनी के बाद ईरान ने 1980 के असफल अमेरिकी सैन्य मिशन ‘ऑपरेशन ईगल क्लॉ’ से जुड़ा वीडियो साझा कर तंज कसा है।
भारत में ईरान के आधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें 24 अप्रैल 1980 को ईरान के तबास रेगिस्तान में हुए अमेरिकी ऑपरेशन के मलबे और तबाही के दृश्य दिखाए गए हैं। पोस्ट के साथ ''History repeats itself'' यानी ''इतिहास खुद को दोहराता है'' लिखा गया है।
इस वीडियो के जरिए ईरान ने अमेरिका को उसकी पुरानी सैन्य विफलता की याद दिलाने की कोशिश की है।
‘ऑपरेशन ईगल क्लॉ’ 1980 में अमेरिका का एक गुप्त सैन्य अभियान था, जिसका उद्देश्य तेहरान में बंधक बनाए गए अमेरिकी नागरिकों को छुड़ाना था। हालांकि यह मिशन तकनीकी खराबी और खराब मौसम की वजह से बुरी तरह विफल हो गया था।
इस दौरान हेलीकॉप्टर और परिवहन विमान की टक्कर में आठ अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद यह ऑपरेशन अमेरिकी सैन्य इतिहास की बड़ी असफलताओं में गिना जाता है।
इससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने अपने पोस्ट में कड़े और अपशब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।
ईरान ने वीडियो शेयर कर यह संकेत दिया है कि वह अमेरिका की धमकियों से पीछे हटने वाला नहीं है। वहीं, अमेरिका की ओर से भी लगातार सख्त बयान सामने आ रहे हैं।
इस घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव अब सिर्फ सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मनोवैज्ञानिक और कूटनीतिक स्तर पर भी तेज हो गया है।
फिलहाल, सोशल मीडिया पर जारी इस तरह की बयानबाजी और प्रतीकात्मक जवाबों से साफ है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा सकता है।
Published on:
06 Apr 2026 01:18 am
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