अमेठी. विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश भर में भले ही आचार संहिता लागू हो गई हो और चुनाव आयोग शक्त दिख रहा हो, लेकिन अमेठी के बसपा नेताओं पर इसका कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती सपा सरकार की कानून व्यस्था पर आये दिन सवाल उठती रहती हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उन्हीं के कार्यकर्ता उनकी फजीहत कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। दरअसल अमेठी के रामलीला मैदान में बीएसपी का कार्यक्रम अयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बीएसपी सप्रीमो मायावती का जन्मदिन मनाया गया। उडनदस्ता मजिस्ट्रेट ने कोतवाली में रिपोर्ट देकर आरोप लगाया है कि प्रत्याशी की ओर से बीएसपी सरकार का गुणगान किया गया। एक बुकलेट बांटी गई जिसमें अपील लिखी गई थी। बुकलेट में बीएसपी सरकार के कार्य का गुणगान किया गया था और अन्य सरकारों पर भ्रामक बातो को उल्लेख किया गया था।
कार्यक्रम में उपहार और मिठाइयां भी बांटी गईं। बीएसपी के पक्ष में मंच से मतदान करने की अपील की गई जो चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। कोतवाली पुलिस ने बीएसपी प्रत्याशी राम जी मौर्या उर्फ राहुल पर मुकदमा दर्ज किया है। अमेठी कोतवाली में उडनदस्ता मजिस्ट्रेट की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हो गया है। अमेठी प्रत्याशी रामजी मौर्य उर्फ राहुल ने कार्यक्रम स्थल पर खुले मंच से लोगों से वोट भी मांगे। इसके बाद लोगों को केक और मिठाई भी बांटी गयी। बसपा नेता खुले आम जमकर आचार संहिता की उल्लंघन करते रहे। अब सवाल ये है कि जिस शासन की शक्ति के लिये बसपा जानी जाती है। उसके लोग ही कानून हाथ में लेने लगेंगे तो कैसे कानून का पालन होगा। इस मामले में अमेठी उपजिला अधिकारी अशोक कनौजिया ने कहा है कि इसकी शिकायत मिली है और मामले की जांच की जाएगी।
वोटरों को लुभाने के लिए भले ही बसपा प्रत्याशी ने कोई कोर कसर न छोड़ी हो, लेकिन जब उन्हें पता चला कि मिठाई, केक और किताब बांटना गलत है और यह आचार संघिता के खिलाफ है, तो उन्होंने पैतरा ही बदल दिया और सारा किया धरा कार्यकर्ताओं पर मढ़ दिया।