
आगर-मालवा. विधानसभा चुनाव के समय प्रत्याशियों द्वारा शहरवासियों से बड़े-बड़े वादे तो कर लिए जाते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे उन्ही मूलभूत समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देते जिनको हल करने का उनके द्वारा वादा किया जाता है। विधायक निवास से १ किमी के दायरे में कई ऐसी मूलभूत समस्याएं हैं जिससे शहरवासी जूझ रहे हैं। राजमार्ग पर विधायक के घर के सामने ही मवेशियों का अड्डा बना हुआ है। वहीं कुछ ही दूरी पर बड़ोद रोड़ चौराहे पर बदहाल यातायात व्यवस्था मुंह चिढ़ाती है।
२०० मीटर की दूरी पर स्थित उद्योग गली से लेकर रेलवे पट्टी बस स्टैंड तक एक गंदा नाला रहवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है। विधायक निवास से करीब १ किमी आगे चले तो छावनी नाका चौराहे के हालात भी कुछ ठीक नहीं है यहां भी यातायात व्यवस्था बुरी तरह बदहाल है। जगह-जगह कचरे की रोडिय़ा दिखाई देती है। पत्रिका टीम द्वारा वर्ष२०१४ के उप चुनाव के दौरान चुने गए विधायक गोपाल परमार के कार्यालय के एक किमी के हिस्से का दौरा किया। यहां जिस तरह समस्याएं सामने आईवह आपके सामने है।
यातायात व्यवस्था
इंदौर-कोटा राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था बदहाल दिखाई देती है। छावनी नाके से लेकर बस स्टैंड तक सड़क किनारे सैकड़ों वाहन खड़े रहने के कारण यहां पल-पल हादसों का अंदेशा बना रहता है। विधायक कार्यालय से ५० मीटर की दूरी पर स्थित बड़ोद रोड चौराहे पर बेतरतीब वाहन पार्किंग खुलेआम हादसों को आमंत्रित करती है। वहीं राजमार्ग पर खड़ी रहने वाली गायें हादसों का कारण बन रही है।
साफ-सफाई का अभाव
विधायक कार्यालय से करीब ३०० मीटर की दूरी पर विजय स्तंभ चौराहे के सामने साफ-सफाई व्यवस्था बदहाल दिखाई देती है। कचरा डस्टबीन की अपेक्षा बाहर सड़क पर बिखरा हुआ देखा जाता है।
सड़क भी बदहाल
विधायक कार्यालय के पीछे लगभग २०० मीटर की दूरी पर मास्टर कालोनी में पिछले २ हफ्ते पूर्व पाइप लाइन के लिए खोदा गया गड्ढा अभी तक नहीं भरा गया जो की खुलेआम हादसों को निमंत्रण देता दिखाई दे रहा है।
नाला बन रहा परेशानी
विधायक कार्यालय के ठीक सामने से निकल रहा नाला लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। टिल्लर कालोनी रेल्वे पट्टी में तो नाले की स्थिति बेहद चिंताजनक दिखाई देती है। यहां लंबे समय से नाले की सफाई नहीं हुई है।