10 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

50 हजार रुपये की पहली किस्त लेते ही पकड़ाया बाबू, आगर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

Lokayukta Caught Clerk: जिला आपूर्ति कार्यालय में पदस्थ बाबू अपने ही विभाग के रिटायर्ड अधिकारी से 27 लाख की लंबित राशि जारी करने के एवज में 1.50 लाख रुपये रिश्वत मांग रहा था।
2 min read
Google source verification
agar malwa

lokayukta action caught supply department clerk manish kumar taking bribe, रिश्वत लेते पकड़ाया बाबू मनीष कुमार पांडेय (source-patrika)

Agar Malwa Lokayukta Action: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले का है, यहां जिला आपूर्ति कार्यालय में पदस्थ बाबू को लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।

1.50 लाख रुपये रिश्वत मांग रहा था बाबू

जावरा निवासी विजय कुमार बोरसिया ने 8 जुलाई को लोकायुक्त उज्जैन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में फरियादी विजय कुमार ने बताया कि उसके पिता गोवर्धनलाल बोरसिया जिला आपूर्ति अधिकारी आगर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। पिता की ग्रेच्युटी, बीमा, अवकाश नकदीकरण सहित करीब 27 लाख की राशि अभी मिलना बाकी है। इस संबंध में जब वो जिला आपूर्ति कार्यालय आगर-मालवा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं प्रभारी लेखापाल (बाबू) मनीष कुमार पंड्या के पास पहुंचे तो बाबू मनीष पंड्या ने उनसे 1.50 लाख रुपये रिश्वत की मांग की।

50 हजार की पहली किस्त लेते पकड़ा

लोकायुक्त टीम ने फरियादी विजय कुमार बोरसिया की शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर शुक्रवार (10 जुलाई) को रिश्वतखोर बाबू मनीष कुमार पंड्या को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। लोकायुक्त टीम ने फरियादी को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये देने के लिए रिश्वतखोर बाबू मनीष कुमार पंड्या के पास भेजा। बाबू ने फरियादी विजय कुमार को रिश्वत की रकम देने के लिए अपने कार्यालय में बुलाया था और जैसे ही उसने वहां पर रिश्वत के 50 हजार रुपये लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त की कार्रवाई से परिसर में हड़कंप मच गया। कार्रवाई में डीएसपी दिनेशचंद पटेल, निरीक्षक सेजवार सहित 10 सदस्यीय टीम शामिल रही। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी है।

मेडिकल ऑफिसर मांग रहा था 10 हजार रुपये रिश्वत

बता दें कि मध्यप्रदेश में लोकायुक्त लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। बीते दिनों लोकायुक्त रीवा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहडोल जिले के जयसिंहनगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी के मेडिकल ऑफिसर को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। तब लोकायुक्त टीम ने बताया था कि उमरिया जिले के पटनार खुर्द निवासी वीरेंद्र सिंह ने बीते 18 मई को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी पत्नी पार्वती सिंह के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) आदेश को निरस्त कराने और उनकी रवानगी रोकने के एवज में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेशचंद्र शर्मा 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं।