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राजस्थान के करौली में कभी कम हुए तो कभी बढ़े प्रत्याशी

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Karauli Of the four Assembly seats in the district, three seats are re
राजस्थान के करौली में कभी कम हुए तो कभी बढ़े प्रत्याशी


करौली. जिले की चार विधानसभा सीटों में से तीन सीट आरक्षित हैं, जबकि करौली सीट सामान्य है। इन सभी पर इस बार कुल ४४ प्रत्याशी मैदान में डटे हैं। जो गत बार के चुनाव के मुकाबले एक कम है। लेनिक वर्ष २००८ के चुनाव में यह संख्या ४८ थी।
गत चुनावों में प्रत्याशियों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष २००३ के विधानसभा चुनाव में चारों सीटों पर कुल २८ प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे, जबकि वर्ष २००८ के चुनाव में काफी इजाफा हुआ और ४८ प्रत्याशी चुनावी समर में भाग्य आजमाने उतरे। हालांकि वर्ष २०१३ के चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या में कमी आई। पिछली बार जिले की चारों सीटों पर ४५ प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था।
करौली में पिछले चुनाव के बराबर प्रत्याशी
जिले की एक मात्र सामान्य सीट पर हर चुनाव में प्रत्याशियों की सर्वाधिक संख्या रही है। इस बार के चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या गत बार के बराबर है। करौली सीट से वर्ष २००३ में ८ प्रत्याशी थे, वहीं वर्ष २००८ में इनकी संख्या बढक़र १४ हो गई। वर्ष २०१३ के चुनाव में और इजाफा हुआ तो यह संख्या १५ हो गई। इस बार भी १५ प्रत्याशी ही चुनावी समर में डटे हुए हैं।
डेढ़ दशक बाद हिण्डौन में सबसे कम
वर्ष २००३ से अब तक के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या के मामले में हिण्डौन आरक्षित (एससी) सीट पर इस बार सबसे कम प्रत्याशी हैं। २००३ में इस सीट से ७ प्रत्याशी चुनावी समर थे, जबकि २००८ में यह संख्या १२ रही। गत चुनाव में भी १२ ही प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया। इस बार मात्र ४ प्रत्याशी ही मुकाबले में हैं।
अब चार प्रत्याशियों में होगा मुकाबला
हिण्डौनसिटी. हिण्डौन में विधानसभा चुनावी घमासान छिडऩे की शुरुआत में पांच योद्धा रणछोड़ हो गए। नाम निर्देशन पत्र वापस लेने के अंतिम दिन गुरुवार को बसपा व भारत वाहिनी पार्टी प्रत्याशी सहित पांच प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिए। अब चुनाव मैदान में कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशी सहित चार उम्मीदवार मैदान में हैं।
मनुहार से मोहित हुए रतनलाल-
निर्दलीय प्रत्याशी रतनलाल कोली से बुधवार को सूरौठ में भाजपा के पदाधिकारियों की मनुहार पर मैदान छोडऩे को तैयार हो गए। चुनावी समर छोडऩे की घोषणा को सोशल मीडिया पर भी वायरल कर किया गया। गुरुवार सुबह पदाधिकारी निर्दलीय को कार से उपजिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय लेकर आए और गोद उठा कर उपजिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय तक पहुंचाया।
कार्यालय खोल, दूसरे दिन छोड़ा रण-
हिण्डौन में एसडीओ और करौली में एडीएम रहे सेवानिवृत आरएएस अतरसिंह मेवला ने बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में ताल ठोकने के पांचवे दिन ही मैदान छोड़ दिया। मेवला ने बुधवार को शहर में चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया, लेकिन गुरुवार दोपहर में नाम वापस ले लिया। विशेष बात यह रही कि बसपा कार्यालय उद्घाटन में मौजूद एक निर्दलीय प्रत्याशी ने भी नाम वापस ले लिया।

Published on:
22 Nov 2018 09:19 pm