ग्राम निपानिया बैजनाथ में 15 वर्षीय नाबालिग बालिका पारिवारिक विवाद के चलते करीब 250 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई।
मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिला मुख्यालय के नजदीक स्थित ग्राम निपानिया बैजनाथ में एक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका पारिवारिक विवाद के चलते करीब 250 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाबालिग रात करीब 8.30 बजे टॉवर पर चढ़ी थी। घटना की जानकारी मिलते ही रात 11 बजे एसडीओपी मोनिका सिंह, थाना प्रभारी हरीश जेजूरकर, पुलिस बल और एसडीआरएफ के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नाबालिग को नीचे उतारा जा सका।
आपको बता दें कि, मोबाइल टॉवर पर चढ़ने के बाद नाबालिग छात्रा अपने अपने बड़े पापा की बेटी को फांसी देने की मांग कर रही थी। इस दौरान परिवार समेत स्थानीय लोग उसे नीचे उतरने की समझाइश देते रहे, लेकिन उसने किसी की न सुनी। आखिरकार मौके पर पहुंची एसडीआरएफ, होमगार्ड और पुलिस के जवानों की टीम ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद बालिका को सफलतापूर्वक नीचे उतार लिया। हालांकि, उतारे जाने के दौरान नाबालिग बेहोश हो गई थी। लेकिन, कुछ ही देर बाद उसे होश आ गया था।
SDOP ने बातों में उलझाया, SDRF ने पकड़ा
नाबालिग बालिका का परिवार के जिन लोगों से विवाद हुआ था, उन पर कार्रवाई करते हुए फांसी लगाने की मांग पर अड़ी हुई थी। इधर, एसडीओपी ने उसे बातों में उलझाकर रखा। उन्होंने ये भी कहा कि, तुमने जिस जिस की शिकायत की है, सभी को जेल भेजकर सुबह फांसी लगा देंगे। एसडीओपी ने ऐसे आश्वासनों में लड़की को उलझाए रखा, पीछे से टॉवर पर चढ़ी एसडीआरएफ की टीम ने उसे पकड़ लिया।
नीचे उतारते समय बेहोश हुई छात्रा
नीचे लाने के दौरान बालिका बेहोश हो गई, जिसे नीचे लाने के बाद तत्काल एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान कुछ देर बाद उसे होश भी आ गया। होमगार्ड के जवान रजत वर्मा और रिश्तेदार पिंटू ने साहस दिखाया और इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। वहीं, एसडीओपी मोनिका सिंह का कहना है कि, बालिका के माता - पिता को साथ लेकर उसकी काउंसलिंग करेंगे।