अगार मालवा

नहीं हुई भावांतर योजना की खरीदी, भड़के किसान

केंद्र व प्रदेश सरकार की भावांतर योजना को अमलीजामा पहनाना अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

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patrika
केंद्र व प्रदेश सरकार की भावांतर योजना को अमलीजामा पहनाना अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

सोयतकलां. केंद्र व प्रदेश सरकार की भावांतर योजना को अमलीजामा पहनाना अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इस कारण किसानों का सब्र का बांध टूटता जा रहा है और किसान व्यवस्था को कोसते नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है योजना किसानों के साथ छलावा है।
नेफेड के सर्वेयर अंग्रेज सिंह ने साफ तौर पर कहा सरसों नही रायडा है। इसे किसी भी स्थिति में नहीं खरीदा जाएगा। इससे किसान आक्रोशित हो गए। समर्थन में भाजपा नेता कृष्णचंद्र पाटीदार भी उतर आए। उन्होंने कहा जब कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा सरसों लिखा हुआ बीज दिया गया और वहीं बीज बोया गया। अब इसे सरसों मानने से इनकार कैसे कर सकते हैं। जब पंजीयन किया तो स्पष्ट रूप से क्यों नहीं लिखा गया कि पीली सरसों ही खरीदी जाएगी अन्य नहीं। अगर हमारी सरसों नहीं खरीदी तो हम चना-मसूर एवं अन्य फसलों को भी नहीं बेचेंगे। किसान सुभाष दांगी ने बताया जब हमारे द्वारा चना मसूर को साफ एवं स्वच्छ कर लाया है तो हमसे दोबारा छलना लगवाकर फसल छनवाई जा रही है यह गलत है। शासन-प्रशासन इस प्रकार किसानों को परेशान कर रहा है अन्य किसानों के आक्रोश का सामना भी प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों को करना पड़ा एवं दिनभर खरीदी नहीं हुई। सर्वेयर अंग्रेजसिंह भी किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए केंद्र छोड़कर चले गए।
दस में से सात किसानों का माल रिजेक्ट-किसानों में आक्रोश इस कारण देखा गया कि किसान चना-मसूर-सरसों लेकर बेचने आए थे, लेकिन नेफेड कंपनी के सर्वेयर ने दस किसानों में से मात्र तीन किसानों का माल पास किया एवं शेष सात किसानों का माल रिजेक्ट कर दिया। इसके कारण किसानों में आक्रोश बढ़ गया एवं सर्वेयर की जांच प्रकिया से संतुष्ट नहीं हुए। विरोध स्वरूप किसी भी किसान ने उपज बेचने से इंकार कर दिया। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी भी परिवहन के अभाव में बंद रही और अवकाश घोषित कर दिया। प्रबंधक कमलेश गुर्जर ने बताया हमारे द्वारा किसानों को संदेश भेज दिए गए थे कि शुक्रवार अवकाश रहेगा फिर भी किसान खरीदी केंद्र पर अपने गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए लेकर आ गए।
नमूना लेकर दिया आश्वासन-किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करवाया गया तो जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के क्षेत्रीय अधिकारी सुरेश शर्मा आए और किसानों से चर्चा की। किसानों की फसल चना मसूर का सैंपल लिया। साथ ही आश्वासन दिलाया कि सरसों रायड में हो रही समस्या को लेकर कलेक्टर से चर्चा कर समस्या का समाधान करवाया जाएगा। थाना प्रभारी यशवंतराव गायकवाड़ दल बल के साथ मौजूद रहे।
रायडा नहीं खरीदेंगे
रायडा नहीं खरीदा जाएगा और किसान भाइयों से अनुरोध है अपनी चना मसूर की फसल साफ करके ही जाएं।
केएल यादव एसडीएम सुसनेर

Updated on:
21 Apr 2018 12:40 am
Published on:
21 Apr 2018 09:00 am