कमिश्रर से भेंट कर सौंपा ज्ञापन, कहा 1996-97 की तरह किया जायेगा विरोध
वाराणसी. संत रविदास मंदिर के सुन्दरीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण का काम बिना स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए किया जायेगा तो एक बार फिर आंदोलन होगा। सपा ने साफ कर दिया है कि जबरदस्ती किसी को जमीन नहीं जाने दी जायेगी। जिला प्रशासन को याद रखना चाहिए कि जमीन अधिग्रहण के विरोध 1996-97 मे ऐसा ही आंदोलन किया गया है। शनिवार को जिलाध्यक्ष डा.पीयूष यादव के नेतृत्व में सपा के प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्रर से भेंट कर ज्ञापन सौंपा है। कमिश्रर ने कहा कि यदि जमीन अधिग्रहण किया जायेगा तो स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर ही काम होगा।
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कमिश्रर को ज्ञापन देने से पहले सपा कार्यकर्ताओं की पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी के आवास पर बैठक हुई। कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस प्रकरण से अखिलेश यादव को भी अवगत करा दिया गया है और अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि सपा हमेशा की तरह इस बार भी गरीबों की लड़ाई लड़ेगी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास मंदिर के सुन्दरीकरण के लिए 100 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की बात हो रही है। हम लोग स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि स्थानीय लोगों के विश्वास में लेकर ही अधिकग्रहण किया जाये। यदि सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार जबरदस्ती अधिग्रहण करायेगी तो सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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सपा सरकार में लोगों को विश्वास में लेकर किया गया जमीन अधिग्रहण
सपा सरकार में जबरदस्ती किसी की जमीन नहीं ली गयी थी। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, आगरा एक्सप्रेस वे के निर्माण के पहले स्थानीय लोगों को विश्वास में लिया गया था इसके बाद ही जमीन अधिग्रहण की गयी थी जिसको लेकर किसी को रोष नहीं है। ऐसा ही संत रविदास मंदिर के सुन्दरीकरण के समय जमीन अधिग्रहण करते समय होना चाहिए। कमिश्रर को ज्ञापन देने वालों में सपा के जिलाध्यक्ष डा.पीयूष यादव, सपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी, युवजनसभा के प्रदेश सचिव अरविंद यादव मुन्ना, समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राधे मोहन चौहान आदि नेता शामिल थे।
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