
आगरा। यूपी बोर्ड परीक्षा की तस्वीर बदली हुई है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं पर इस बार सख्ती का बड़ा असर दिखाई दिया। आगरा में योगी सरकार की सख्ती के चलते 14 हजार स्टूडेंट ने परीक्षा छोड़ दी। बोर्ड परीक्षा के पहले दिन इतनी बड़ी संख्या में स्टूडेंट द्वारा परीक्षा छोड़े जाने से इस बार एग्जाम में सख्ती का असर साफ दिखाई दे रहा है।
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इतने स्टूडेंट ने छोड़ी परीक्षा
यूपी बोर्ड परीक्षा की सुबह की पाली में 4 हजार 468 और दूसरी पाली में 9 हजार 453 छात्र रहे। सुबह की पाली में 25,537 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। गृहविज्ञान की परीक्षा में कुल 19,845 छात्राओं को शामिल होना था, लेकिन 17 हजार 148 छात्राएं ही परीक्षा में शामिल हुई, जबकि 2697 ने परीक्षा छोड़ दी। इधर सुबह की पाली में इंटर के 10 हजार 160 छात्रों को हिंदी विषय की परीक्षा देनी थी, लेकिन 8 हजार 389 ने ही परीक्षा दी। 1771 ने परीक्षा दोड़ दी। दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की हिंदी विषय की परीक्षा हुई, इसमें 54 हजार 917 विद्यार्थियों को शामिल होना था, इसमें 45 हजार 464 विद्यर्थी ही शामिल हुए, 9 हजार 453 स्टूडेंट ने परीक्षा छोड़ दी।
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अब संख्या और होगी कम
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें, तो अभी स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ेगी, कारण था पहले दिन नकल की चाह में आने वाले स्टूडेंट को पता ही नहीं था, कि इतनी सख्ती हो सकती है। वहीं पहले दिन की परीक्षा में विषय भी काफी सरल था, जिसमें नकल के लिए बहुत कुछ होता नहीं है, लेकिन आगे गणित, इंग्लिस, साइंस जैसे विषय हैं, इन विषयों में स्टूडेंट की हालत खराब रहती है। इसलिए अभी परीक्षा छोड़ने वाले स्टूडेंट की संख्या बढ़ेगी।
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