
असिस्टेंट ऑपरेशंस मैनेजर अभिषेक सिंह और पत्नी आस्था (X Photo Narendra Pratap)
Agra Railway Officer Death: आगरा रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय में असिस्टेंट ऑपरेशंस मैनेजर (AOM) अभिषेक सिंह का शव उनके चैंबर में मिला। वह रविवार सुबह घर से ऑफिस गए थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिवार ने तलाश शुरू की तो उनका शव ऑफिस में कुर्सी पर मिला। उनके मुंह से झाग निकल रहा था और आसपास कुछ गोलियां पड़ी थीं। पत्नी आस्था ने आरोप लगाया कि अभिषेक को उनके सीनियर अधिकारी लगातार प्रताड़ित करते थे। वे उन्हें नौकरी में समय नहीं दे रहे थे और जिंदगी बर्बाद करने की धमकी देते थे।
अभिषेक सिंह आगरा रेल मंडल में AOM के पद पर तैनात थे। बताया गया है कि वह पिछले कुछ समय से तनाव में थे। रविवार सुबह वह ऑफिस पहुंचे थे। दोपहर करीब तीन बजे घर आए और वहां से एक डायरी लेकर दोबारा ऑफिस चले गए। इसके बाद वह घर नहीं लौटे।
रात करीब 9 बजे तक अभिषेक के घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोगों को चिंता हुई। उन्होंने फोन किया कि लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ था। इसके बाद परिजन उनकी तलाश करते हुए डीआरएम कार्यालय पहुंचे। वहां चैंबर खोलने पर अभिषेक अपनी कुर्सी पर मृत मिले। उनके मुंह से झाग निकल रहा था और आसपास कुछ गोलियां पड़ी थीं।
अभिषेक की पत्नी आस्था ने बताया कि करीब तीन महीने पहले ही उनका प्रयागराज से आगरा ट्रांसफर हुआ था। उनके मुताबिक, यहां आने के बाद से ही सीनियर अधिकारी उन्हें परेशान कर रहे थे। आस्था ने कहा कि अभिषेक कहते थे कि सब फिर अच्छे से हो जाएगा। मुझे ट्रेनिंग भी नहीं जाने दे रहे हैं, दो बार नाम आया, दोनों बार कैंसिल कर दिए मेरा ट्रेनिंग। उनके अधिकारी हमेशा डांटते रहते थे। अभिषेक कहते थे कि नहीं हो पा रही है नौकरी। बहुत कठिन है, यहां डांटते बहुत है।
मैंने कहा- अधिकारियों से कहिए कि थोड़ा समय दीजिए काम समझने में। लेकिन अधिकारी समय नहीं दे रहे थे, कहते थे कि बहुत समय दे दिया, अधिकारी कहते थे तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर देंगे।
आस्था ने बताया कि वह अभिषेक को समझाती थीं कि नौकरी को लेकर इतना परेशान न हों। अगर काम नहीं हो पा रहा है तो नौकरी छोड़कर गांव लौट चलेंगे और कोई प्राइवेट नौकरी कर लेंगे। लेकिन अभिषेक दिन-रात काम में लगे रहते थे। इसके बाद भी उन्हें अधिकारियों की डांट सुननी पड़ती थी।
आस्था ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। करीब चार महीने पहले ही बेटे का जन्म हुआ था। अभिषेक बेटे के जन्म से बहुत खुश थे। पत्नी के मुताबिक, वह परिवार के लिए काम करते थे और लगातार नौकरी में बेहतर करने की कोशिश कर रहे थे।
अभिषेक की मौत के बाद उनकी मां सुशीला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने बताया कि अभिषेक उनका इकलौता बेटा था और वही उनके जीने का सहारा था। अब वह किसके सहारे रहेंगी। सुशीला देवी ने आरोप लगाया कि ऑफिस में अभिषेक से बहुत काम कराया जाता था और उन्हें छुट्टी भी नहीं दी जाती थी। उन्होंने कहा कि बेटे से ऑफिस में बहुत काम करवाते थे। अधिकारी उसे छुट्टी नहीं दे रहे थे। उस बड़े अधिकारी का नाम नहीं पता। बेटे को बहुत टॉर्चर करते थे। कहते थे कि तुम्हे साउथ में भेज देंगे। सुबह 6 बजे से ही डांटना शुरू कर देते थे। रात दिन नौकरी कर रहे थे।
Updated on:
2 Nov 2026, 12:19 PM IST
Published on:
2 Nov 2026, 11:38 AM IST
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