भारत बचाओ मोर्चा के बैनर तले एससी एसटी एक्ट में दुरुपयोग का विरोध शुरू हो गया
आगरा। सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट में बदलाव के संकेत दिए तो भारत बंद के दौरान बवाल मच गया। केंद्र सरकार ने राज्यसभा और लोकसभा में इस एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव दिया। संशोधन के बाद से सवर्णों ने इस एक्ट पर विरोध करना शुरू कर दिया। वैश्य समाज इस एक्ट का प्रखर विरोध कर रहा है। वहीं अब भारत बचाओ मोर्चा के बैनर तले एससी एसटी एक्ट का विरोध किया जा रहा है।
फर्जी मुकदमों में फंसाने की आशंका
एससी एसटी एक्ट में संशोधन के बाद सवर्ण लगातार विरोध कर रहे हैं। भारत बचाओ मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि एक्ट में संशोधन के बाद ओवीसी और सवर्णों को फर्जी मुकदमे में फंसाने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। इस आशंका को देखते हुए संशोधन के एक्ट को वापस लेना चाहिए। एक सितम्बर को आगरा बंद रखने का आह्वान किया गया है। मोर्चा के अध्यक्ष पूरन सिंह मेहरा का कहना है कि एससी एसटी एक्ट में निर्दोष लोगों को फर्जी केस में फंसाने का काम पिछली सरकारों में जमकर हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया था वो सही था लेकिन, सरकारों ने अपने वोट बैंक की राजनीति को बढ़ावा देते हुए संसद में संशोधन पारित करके ना सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को निष्प्रभावी किया बल्कि एक्ट में बिना जांच के गिरफ्तारी का संशोधन करके इसके दुरूपयोग करने वालों को बढ़ावा दिया है।
पिछड़ों और सवर्णों का होगा शोषण
सवर्ण और पिछड़ों को फंसाने के लिए अब दलित इस एक्ट को मोहरा बना सकते हैं। मोर्चा के महासचिव अतुल सिरोही का कहना है कि वे दलित विरोधी नहीं है। लेकिन, निर्दोष लोगों को झूठे केस में फंसाए जाने का विरोध जारी रहेगा। भारत बचाओ मोर्चा द्वारा 1 सितम्बर को दोपहर 2 बजे तक आगरा बंद का आह्वान किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस बंद में सहयोग करके इस एक्ट के दुरूपयोग से बचने के लिए जागरुक हों।