
आगरा। आगरा बस दुर्घटना (Agra bus accident) यमुना एक्सप्रेस वे डबल डेकर बस झरना में गिर गई। बस पानी में डूब गई। 29 लोगों की जलसमाधि हो गई। 18 लोग बच गए हैं, लेकिन गम्भीर हैं। उनका निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अगर इन 18 लोगों की जान बची है तो खुले में शौच करने आए किसान के कारण। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यंमत्री डॉ. दिनेश शर्मा और परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं।
गहरे नाले में डूब गई बस
जहां बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है, वह स्थान एत्मादपुर थाने के अंतर्गत चौगान गांव में आता है। सुबह साढ़े चार बजे के आसपास चौगान गांव का किसान निहाल सिंह शौच करने आया था। वह शौच के लिए बैठने ही वाला था कि अचानक धमाका हुआ। उसने देखा कि बस झरना नाले में गिर गई है। नाला करीब 7-8 फीट गहरा है। इसमें पानी भरा हुआ है।
प्रधान पहुंचे जेसीबी लेकर
निहाल सिंह ने इसकी सूचना डायल 100 को दी। फिर चौगान गांव के प्रधान राकेश सिकरवार को अवगत कराया। प्रधान अपने भाइयों और अन्य को साथ लेकर आए। उनके पास दो जेसीबी मशीनें हैं। जेसीबी से बस को ऊपर से फाड़ा और लगों को बाहर निकाला। उनके सामने ही कई लोगों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। बस को निकालकर खेत में डाल दिया गया है। एसी बस थी। सब तरफ से बंद थी। इसके बाद भी बस में पानी भर गया।
घायल अस्पतालों में
ग्राम प्रधान ने बताया कि मेरे पास सुबह पौने पांच बजे थाना एत्मादपुर से इंस्पेक्टर का फोन आया था जेसीबी लेकर पहुंचो। मैं जेसीबी लेकर आया। तब तक पुलिस कुछ घायलों को निकाल चुकी थी। हमने घायलों को अस्पतालों में भिजवाया। अधिकांश घायल कृष्णा हॉस्पिटल, ट्रांस यमुना कॉलोनी में भर्ती हैं।
पांच-पांच लाख की आर्थिक सहायता देंगे मुख्यमंत्री
मौके पर फतेहपुर सीकरी से भाजपा सांसद राजकुमार चाहर, एत्मादपुर से भाजपा विधायक रामप्रताप सिंह चौहान भी पहुंचे। उन्होंने घटना को दुखद बताया। श्री चाहर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायती की घोषणा की है। घायलों का समुचित इलाज किया जा रहा है। मंडलायुक्त अनिल कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया है।